अगर घर में होम क्वारंटाइन में है तो ऐसे जांचे अपना ऑक्सीजन लेवल

कोरोना वायरस की नए वेरिएंट की चपेट में आए मरीजों को वेंटिलेटर से ज्यादा ऑक्सीजन थेरेपी की जरूरत पड़ रही है।

यही वजह है कि इस समय देश में एकदम से ऑक्सीजन की कमी आ गई है और मरीज हॉस्पिटल में इलाज होने के बावजूद दम तोड़ रहे हैं ऐसे में सबसे ज्यादा चिंता होम आइसोलेशन में इलाज करा रहे कोरोना मरीजों की है जिनके लिए जानना जरूरी है कि ऑक्सीजन लेवल कम होने के क्या लक्षण है और कब उन्हें बिना देरी के हॉस्पिटल में भर्ती हो जाना चाहिए।

दिल्ली एम्स के डायरेक्टर संदीप गुलेरिया ने बताया कि होम क्वारंटाइन में इलाज करा रहे मरीजों को समय-समय पर ऑक्सीजन सैचुरेशन चेक करते रहना चाहिए इसे प्लस ऑक्सीमीटर नाम के डिवाइस से हाथ की उंगली पर लगा कर चेक किया जाता है सेटिंग में इसका चुनाव 94 से ज्यादा लेवल खतरे से बाहर होने का संकेत है यदि आपके पास यह इक्विपमेंट नहीं है तो बिना देरी इसे नजदीकी मेडिकल स्टोर से मंगा सकते हैं।

डॉक्टर के अनुसार कोरोना होने पर तेजी से ऑक्सीजन लेवल घटने लगता है यदि चेकअप में आपका spo2 लेवल 94 से 100 के बीच रहता है तो यह आपके स्वस्थ होने के संकेत है लेकिन अगर आपका लेवल 94 से नीचे रहती है तो हाइपरक्सेमिया को ट्रिगर कर सकता है जिससे आपको कई तरह की परेशानियां हो सकती है वहीं अगर ऑक्सीजन सैचुरेशन लेवल 90 के नीचे चला जाता है तो यह मरीज के लिए खतरे की घंटी है।

ऐसे में मरीज को तुरंत हॉस्पिटल में एडमिट होने की सलाह दी जाती है यदि आपको अक्सीजन लेवल ग्राउंड में से 94 के बीच है तो इसे हर घंटे मॉनिटर करने की जरूरत है हालांकि से घर पर प्रोनिंग एक्सरसाइज करके भी कंट्रोल किया जा सकता है यह टेक्निक केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी है जिसे जमीन पर उल्टा लटका एक्सरसाइज करनी होती है इसे करने के लिए आपको चार पांच तकियों भी जरूरत पड़ती है।

एक्सपर्ट्स के अनुसार शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने पर चेहरे का रंग उड़ने लगता है होठों पर नीलापन आने लगता है यह स्यानोसिस की पहचान है डॉक्टर के अनुसार हेल्दी ऑक्सिजनेटेड ब्लड से हमारी स्किन को लाल या गुलाबी ग्लो मिलता है इसलिए ऑक्सीजन कम होने पर ऐसे लक्षण दिखते हैं अगर अचानक से आपका ऑक्सीजन लेवल गिरता है तो कोरोना कि मरीजों को छाती में दर्द ,सांस लेने में तकलीफ ,सीने में दबाव ,लगातार खांसी बेचैनि यां बहुत तेज दर्द सिर दर्द की शिकायत हो हो सकती है ऐसा होने पर तुरंत डॉक्टर से बात करें और हो सके तो जल्दी से हॉस्पिटल में एडमिट हो।

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