आंख फड़कना क्या कोई संकेत देता है या कोई वैज्ञानिक कारण हैं? जानिए

हम अपने जीवन काल में आंख को कई बार फड़फड़ाता हुआ महसूस करते हैं और हमेशा हम ये मानते है की आंख का फड़फड़ाना किसी शगुन या अपशगुन से जुड़ा होता है। जैसे की पुरुषो की दाईं आंख फड़फड़ाना शुभ मानते है और औरतों की बाईं आंख फड़फड़ाने को शुभ। चीन में बाईं आंख का फड़फड़ाना शुभ मानते है और दाईं आंख का फड़फड़ाना अशुभ।

पर क्या सच में आंखों का फड़फड़ाना किसी शुभ या अशुभ संकेत से जुड़ा होता है या ये सिर्फ एक अंधविश्वास है।

असल में आंख के फड़फड़ाने का मुख्य कारण कुछ और ही है। आंख के फड़फड़ाने को “मयोकेमिया” कहा जाता है। मयोकेमिया आंख के आस पास की मांसपेशियों के अचानक सिकुड़ने या फैलने के कारण होता है, या कई बार आंख की मांसपेशियों में ऐठन के कारण भी ऐसा होता है

1) कई बार आंखो में ड्राइनेस होने के कारण भी आंख फड़कती है।

२) आंखों में बैक्टिरियल या वायरल इंफेक्शन होना भी एक कारण होता है आंख फड़कने का।

३) नींद पूरी ना होने की वजह से भी आंख फड़कती है। नींद पूरी ना होने की वजह से आंख के आस पास की मांसपेशी ऐंठ जाती है जिससे की आंख फड़कना शुरू हो जाती है।

४) अधिक तनाव भी आंख फड़कने का एक मुख्य कारण है।

५) अल्कोहल या मदिरा का सेवन भी आंख फड़कने का कारण हो सकता है।

इन सब के अलावा प्रदुषण, एलर्जी या आंख का कमजोर होना भी आंख फड़कने का कारण होता है।

तो अगली बार जब आपकी आंख फड़के तो किसी शकुन या अपशकुन को सोचने की बजाय इसके कारण को जानने का प्रयास करें।

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