आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सारे नौकरी खा जाएंगे, इसमें कितनी सत्यता है? जानिए

यह कथन सत्य से काफी दूर नहीं है। हालांकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभाव को लेकर अलग-अलग विचारों की कोई कमी नहीं है, लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के द्वारा बहुत सारे मानव कार्यों को करने में सक्षम होने के कारण कई नौकरियां जाने के प्रभाव पर अधिकतर विचारक सहमत है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या कृत्रिम बुद्धिमता के दो प्रकार होते हैं, कृत्रिम संकीर्ण बुद्धिमता और सामान्य बुद्धिमता। आज के युग में कृत्रिम संकीर्ण बुद्धिमता या आर्टिफिशियल नैरो इंटेलिजेंस के इस्तेमाल का कई उदाहरण हमारे पास है, टेकनोलॉजी कंपनियां कृत्रिम संकीर्ण बुद्धिमता का भरपूर इस्तेमाल कर रही है, इसके साथ साथ कई साधारण कंपनियां और संगठन भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनाने में देरी नहीं कर रही है। जिससे कि बहुत कम ही सही लेकिन कुछ मानव कार्य अब कंप्यूटर्स कर रही है। इसमें एक उदाहरण शायद लेखों का ट्रांसलेशन हो सकता है।

आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस के आने के बाद जिस प्रभाव की विचारक उम्मीद कर रहे हैं उसका शायद यह छोटा सा अंश है। सैद्धांतिक रूप से यह माना जाता है की आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस मानव मस्तिष्क द्वारा किए जाने वाले लगभग सभी कार्यों को करने में सक्षम होगा। इस स्थिति में आप ही सोचिए की कितने सारे कार्य को कंप्यूटर ही कर लेंगे। इससे यह निष्कर्ष निकलता है कि हमें इस स्थिति को मद्देनजर रखते हुए ही अपने कैरियर का चुनाव करना चाहिए। ऐसे कैरियर जिनमें यह साफ संकेत मिल रहा है की यह क्षेत्र मशीनों द्वारा कर लिया जाएगा, पूर्णतया उसी क्षेत्र पर अपनी जीविका के निर्भर रहना एक समझदारी भरा निर्णय नहीं होगा।

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