आपने पहले कभी नहीं देखे होंगे ऐसे खतरनाक पौधे,जानवर ही नहीं ये 9 पेड़-पौधे भी खाते हैं ‘मांस’

ये एक चमकदार कीड़े खाने वाला शिकारी पौधा है। जो उत्तर अमेरिका के दलदल और दक्षिण अमेरिका द में पाए जाते हैं। sarracenia के फूल उजज्वल होते हैं और ये पौधा फनल की तरह ऊपर उठा हुा होता है। फनल के नीचे से एक मीठा रस निकलता है जो नीचे जमा होता है। इस रस को पाने के लिए कीड़े-मकौड़े या मधुमक्खी अंदर चले जाते हैं,लेकिन वापस नहीं आ पाते हैं। क्योंकि फूलों के रेसे अंदर की तरफ होते हैं। और फिसलन भरे होते हैं।


– Nepenthes ( नेपेंथिस)

नेपेंथिस ये मांसाहारी पौधा है। ये चाइना, मलेशिया, इंडोनेशिया या उष्णकटिबंधीय जंगलों में पाया जाता है। ये मुख्य रूप के एक लता के रूप में बढ़ता है। इस पौधे की 80 प्रजातियां हैं। इस पौधे की पत्तियां मटके की तरह होती हैं। इन पौधों के मटके इतने बड़े होते हैं कि चूहे, मेंढक या छोटे-छोटे पक्षी भी इसके शिकारी बन जाते हैं। हालांकि ये पौधा कीट पतंगों को ज्यादा पसंद करता है। इस मटके के अंदर एक ग्रंथियां होती हैं, जो नेक्टर चिपचिपे तरल पैदा करती हैं। ये चिपचिपा पदार्थ कीट-पतंगों को लुभाती हैं। इस मटके की दीवार बहुत फिसलन भरी होती है जिससे कीड़े बाहर नहीं आ पाते हैं, और उसमें ही डूबकर मर जाते हैं। कीड़ों के मरने के बाद ये पौधे धीरे-धीरे उसे पचा लेते हैं।


– Byblis ( बिबलिस)

ये है अगला शिकारी पौधा। ये मासूम सा दिखने वाला झाड़ीदार पौधा होता है। जो उत्तरी ऑस्ट्रेलिया और पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के कुछ हिस्सों में पाया जाता है। पत्तों के चमकेली रेसों की वजह से इसे रेम्बो प्लांट के नाम से भी जाना जाता है। धूप में इसके पत्ते और भी लंबे और चमकदार हो जाते हैं। इस पौधे में एक तरह का चिपचिपा तरल पदार्थ पाया जाता है,जिससे छोटे-छोटे कीड़े इसमें फंस जाते हैं।


– Pinguicula ( पिंगुईकुला)

पिंगिकुला नामक यह पौधा दिखने में बेहद कोमल और हरा भरा दिखता है लेकिन यह कीड़ों को भ्रमित कर उन्हें अपना निवाला बनाता है। इस पौधे की हरी भरी पत्तियों के ऊपर पानी की बूंदे दिखाई देती हैं और इन्हीं से आकर्षित होकर कीड़े इन पत्तियों पर बैठते हैं और फिर यह पौधा उन कीड़ों को अपना भोजन बना लेता है।

– dionaea muscipula ( डाओनिया म्यूसिपुला)

ये पौधा डरावना और राक्षस की तरह दिखता है। इसका शिकार करने का तरीका बहुत ही अलग है। शिकार को पकड़ने के लिए ये कोई रासायनिक या गंध का इस्तेमाल नहीं करते हैं। एक बार अगर कोई मक्खी या कीड़ा इसके मुंह में जाता है तो वह वापस नहीं आता है। ऐसा लगता है कि इस पौधे का अपना ही एक अलग दिमाग है। क्योंकि ये कीड़े और दूसरे वस्तु में फर्क समझ सकता है। इसका मुंह तब तक नहीं खुलता जब तक कीड़ा पच ना जाए और ये पौधा उसे पूरा खा ना ले। चौंकाने वाली बात ये है कि इस पौधे को कई फूलों की दुकान में खरीदा जा सकता है।

-Genlisea ( जेनेलिसिया)

आमतौर अर्धस्थलीय और अर्धजलीय वातावरण में पाए जाते हैं। ये एक छोटा घासी जातीय पैधा है। इसमें पीले रंग के फूल खिलते हैं, जो शिकार को अट्रैक्ट करता है। इस तरह शिकार का जाल में गिरना आसान होता है, लेकिन इससे बाहर निकलना असंभव है। इस पौधे की दो तरह के पत्ते होते हैं। एक जमीन से ऊपर सांस लेने के लिए और एक होते हैं भूमिगत पत्ते। ये पत्ते छोटे जीवों को पचाने के लिए काम आते हैं। भूमिगत पत्तियां पानी सोखने का भी काम करती हैं, और पेड़ को जमीन से जोड़ने का काम करती हैं। बता दें कि इन पौधों की जड़ें नहीं होती हैं। ये पत्ते खाली ट्यूब्स बनाते हैं जो स्पायरल की तरह दिखते हैं। छोटे जीव पानी की धार के सआथ इनमें फंस जाते हैं,लेकिन ये एक बार फंसने के बाद बाहर नहीं निकल पाते हैं।

-Darlingtonia ( डार्लिंगटोनिया)

डार्लिंगटोनिया को कैलिफोर्निया का काफी दुर्लभ पौधा माना जाता है। ये डर्लिंगटोनिया जाती का एक मात्र प्रजाती है, जो उत्तरी कैलिफोर्निया के दलदली इलाकों में पाए जाते हैं। ये पौधा फन फैलाए कोबरा सांप की तरह दिखता है। इसलिए कोबरा प्लांट या कोबरा लिली भी कहा जाता है। ये एक मीठा सुगंध छोड़ता है, जो कीड़े मकौड़ों को आकर्षित करने का काम करता है। इस पौधे के अंदर बहुत सारे नकली रास्ते बने होते हैं। जिससे कीड़े उसमें फंस जाते हैं जो उन्हें नीचे की ओर ले जाते हैं। इस पौधे में फंसने के बाद यहां से निकलना नामुमकिन है।

– Utricularia ( यूट्रीकुलारिया)

ये स्थिर पानी में पाए जाते हैं। इसमें 220 से भी ज्यादा प्रजाती पाई जाती है। इसकी भी जड़ें नहीं होती हैं, इसलिए ये जीवित रहने के लिए छोटे जीवों का शिकार करता है। ये एक मात्र शिकारी पौधा है जो बुलबुला जाल का उपयोग करता है। ये छोटे-छोटे बुलबले पानी के नीचे होते हैं। पानी के ऊपर इसका फूल उगता है। बुलबले के पास एक प्रवेश द्वार होता है। जो तब ही खुलता है जब बुलबुले के पास कोई कीट आ जाता है। बबल्स में छोटे-छोटे ट्रीगर्स होते हैं जो संकेत देता है। जब कोई कीड़ा ट्रीगर को छूता है तब बुलबुला खुलता है। इसके बाद पानी के साथ शिकार उस पौधे के अंदर चला जाता है।

-Drosera( ड्रोसेरा)

ये एक यूरोपियन शिकारी पौधा है। इसे सांजो के नाम से भी जाना जाता है। इस पौधे की 130 से भी ज्यादा प्रजातियां हैं। इसे इसके सफेद रंग के फूलों से पहचाना जाता है। जमीन पर इसकी लंबी पत्तियां होती हैं। इसमें एक चिपचिप सुगंधित जूस निकलता है, लेकिन वास्तव में कीड़े के लिए ये खतरनाक है। ये पौधा शिकार को पचाने के लिए एंजाइम का इस्तेमाल करते हैं। कीड़े इस तरह से आकर्षित होता है और पत्तियों पर बैठता है, और उस चिपचिपे पदार्थ पर अटक जाता है। इसके बाद पत्तियां बंद हो जाती हैंष इस पौधे की बड़ी प्रजाती मेंठकों को भी अपना शिकार बना लेती हैं।

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