इस दिशा में रखा मोरपंख , खींच लाता है लक्ष्मी को

हिन्दू धार्मिक शास्त्रों में मोरपंख का महत्व बताया गया है | विष्णु के अवतार श्री कृष्ण तो इसे हमेशा अपने सिर पर सज्जा कर रखते थे और मोर मुकुट वाले कहलाते थे | शिव के जयेष्ट पुत्र भगवान कार्तिकेय स्वामी का वाहन भी मोर ही है | शास्त्रों में बताया गया है कि मोरपंख सकारात्मक उर्जा देने का प्रतीक है | यदि इसे घर में रखा जाता है तो घर में पॉजिटिव एनेग्री को बढाता है और घर से नकारात्मक शक्तियों को दूर करता है | आज हम जानेंगे कि घर में इसे किस दिशा में रखना चाहिए जिससे कि हमें इसका अधिक से अधिक लाभ प्राप्त हो सके |

किस दिशा में रखे मोरपंख
घर में सुख समृधि और लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए मोर पंख को दक्षिण-पूर्व दिशा में रख दें। एक दो नहीं बल्कि मोरपंख की पूरी गड्डी रख दे। इससे घर में सुख संपदा आती है और साथ ही घर परिवार का वातावरण अच्छा रहता है । यह धन लक्ष्मी को घर की तरफ आकर्षित करता है जिससे नए नए धन योग बनने लगते है

वास्तु दोष निवारण में सहायक
घर में वास्तु दोष होने के कारण परिवार में अशांति बनी रहती है | सदस्यों का स्वभाव चिडचिडा सा हो जाता है | आप ऐसे में वास्तु दोष दूर करने के लिए घर के मुख्य द्वार पर रखे गये गणेश जी की प्रतिमा के दांये बांये दो मोरपंख रख दे | गणेश जी बुद्धि के देवता है उनसे विनती करे की घर का वास्तु दोष दूर हो और सभी सदस्य सदबुद्धि से आगे बढे |

राहू का कर देगा दोष दूर
राहू को क्रोधित ग्रह माना गया है | यदि जातक की कुंडली में यह सक्रीय होता है तो परिवार के सदस्यों के बीच आपसी कलह उत्पन्न कर देता है | उस घर में धन और मानसिक परेशानियां उत्पन्न हो जाती है | इससे बचने के लिए जिस व्यक्ति की कुंडली में राहू दोष हो तो एक ताबीज में मोरपंख बाँधकर दाहिने हाथ में बांध दे ।

बुरे सपने सताए तो मोरपंख बचाए
यदि आप को रात्रि में बुरे और डरावने सपने आते है तो अपने सिराने एक मोरपंख रख कर सोना शुरू कर दे | जल्दी ही आपको बुरे सपने आने बंद हो जायेंगे | सोते समय शयन मंत्र जरुर बोले | जो इस तरह है :

जले रक्षतु वाराहः स्थले रक्षतु वामनः ।
अटव्यां नारसिंहश्च सर्वतः पातु केशवः ।।

Leave a Reply

Your email address will not be published.