उत्तराखंड: मंगलवार यानि कल को ब्रह्म मुहुर्त में खुलेंगे श्री बदरीनाथ धाम के कपाट

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आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी, श्री उद्धव जी, श्री कुबेर जी रावल ईश्वरीय प्रसाद नंबूदरी जी एवं श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के प्रतिनिधि तेल कलश गाडू घड़ा सहित श्री योगध्यान बदरी मंदिर पांडुकेश्वर से श्री बदरीनाथ धाम पहुंचे। कल ब्रह्म मुहुर्त में 4 बजकर 15 मिनट में श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। इस अवसर हेतु श्री बदरी-केदार पुष्प सेवा समिति ने श्री बदरीनाथ धाम को फूलों से सजाया गया है।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने श्रद्धालुओं को शुभकामनायें देते हुए घर से ही पूजा अर्चना करने का आग्रह किया है। देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि कपाट खुलने की तैयारियां पूर्ण कर दी गयी हैं। आदिगुरु शंकराचार्य जी की जयंती पर आज श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ में सादगी पूर्वक आदि गुरु शंकराचार्य जी का स्मरण किया गया। रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी ने आदि गुरु शंकराचार्य जी महाराज की वैदिक परंपराओं को अक्षुण बनाये रखने का आह्वान किया इस अवसर पर उप मुख्य कार्याधिकारी सुनील तिवारी, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, डिम्मर उम्मटा डिमरी पंचायत अध्यक्ष आशुतोष डिमरी, डिमरी केंद्रीय पंचायत अध्यक्ष विनोद डिमरी आदि मौजूद रहे। सभी प्रक्रियाओं में कोरोना बचाव मानकों का पालन हो रहा है।

कोरोना संकट के बीच सोमवार को बाबा केदारनाथ धाम के कपाट को भक्तों के लिए खोल दिया गया है। आज सुबह 5 बजे पूरे विधि विधान के साथ पूजा करते हुए कपाट को खोला गया। इसके साथ ही पूजा के दौरान कोरोना नियमों का पालन भी किया गया। इसी प्रोटोकॉल के तहत  तीर्थ पुरोहित, पंडा समाज और हककूधारियों को ही मंदिर में जाने की अनुमति रही। कोरोना गाइडलाइन्स के तहत मुख्य द्वार खुलने के बाद आम भक्तों को मंदिर में प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है। लेकिन उनके लिए ऑनलाइन ‘दर्शन’ की व्यवस्था की गई है।

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