एक छोटी सी कहानी और आपकी सफलता का राज

एक हाथी का बच्चा जब छोटा होता है तब उसे रस्सी से खूंटी में बांध दिया जाता है या उसे जंजीर से बांध दिया जाता है ताकि समय समय पर उसे जहां हम ले जाना चाहे वहां ले जा सकते हैं जो हम उसे चारा दें वह खाए हमारे कंट्रोल में रहे लेकिन वही हाथी का बच्चा धीरे-धीरे जब बड़ा हो जाता है

तब भी वह उसी फूटे से बना रहता है या कहें कि उसकी आदत सी पड़ जाती है लेकिन अगर वह चाहे तो उसे एक ही झटके में तोड़ सकता है लेकिन वह ऐसा नहीं करता है क्योंकि उसकी आदत पड़ गई है उसको रस्सी से बधें रहने की उसका माइंड सेट हो गया है कि वह उस खूटे को कभी तोड़ नहीं पाएगा क्योंकि जब वह छोटा था तब वह तोड़ ने की बहुत कोशिश किया उस खुटे को लेकिन तब भी तोड़ नहीं पाया था फिर उसने क्या किया उसने फिर वह अपनी आदत बना ली उसने अपने माइंड में सेट कर लिया की उस खुटे को नहीं तोड़ पाएगा इसलिए वह प्रयास करना छोड़ दिया दोस्तों इस छोटी सी कहानी के माध्यम से मैं आप को समझाने की कोशिश कर रहा हूं । कि आप जो भी काम कर रहे हैं उसे निरंतर करते रहिए यदि आप उसे निरंतर करेंगे तो आपका अभ्यास होता जाएगा आपको कुछ नया सीखने को मिलेगा और जैसा कि आपको अगले आर्टिकल में हमने बताया था की सफलता आपके एक कदम आगे ही थी लेकिन आपने कदम पीछे हटा लिया आपने अपना पैर पीछे हटा लिया और आप अपनी मंजिल से दूर हो गए तो इसी तरह इस कहानी के माध्यम से मैं आपको बताने की कोशिश कर रहा हूं कि निरंतर प्रयास कीजिए तभी आप सफल हो सकते हैं नहीं तो उस हाथी की बच्चे की तरह जैसा उस हाथी के बच्चे ने सोच लिया था, यह मुझसे नहीं हो पाएगा

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