एक पक्षी ऐसा भी मगर के मुँह से खाना खाते है

कहते हैं पानी मे रह कर मगर से बैर नही करना चाहिए। लेकिन मैं जो आपको बताने जा रहा हूँ ओ तो इससे भी चार कदम आगे है ।
मिस्र के एक पक्षी पाया जााता है जिसका नाम फ्लोवर पक्षी है जो की मगर के मुँह से खाना प्राप्त करता है अक्सर इसे मगरमच्छ के मुहं में देखा जा सकता है।
जब इसे कोई शिकार नहींं मिलता तब यह पक्षी मगर के मुंह में जाकर उसके दांतों में फंसे शिकार के टुकड़ोंं को निकाल कर खाता है जिससे मगर के मुंह ताजा बना रहता है और दांतो की सफाई भी हो जाती है और पक्षी को खाना भी प्राप्त हो जाता है जिससेे दोनों का फायदा हो जाता है

इसमें अच्छी बात है दोनों का स्वार्थ

मगर अपने मुंह मैं जाने के बाद छोड़ दे यह मुमकिन नहीं है जबकि यह पक्षी ऐसा इसलिए करता है क्योंकि इससे मगर के दांतो की सफाई भी हो जाती है जिससे उसका दांत संक्रमण से बचा रहताा है और पक्षी को खानाा भी प्राप्त हो जाता है

और ऐसा भी नहीं कि पक्षी यह काम निस्वार्थ करता है जब इस पक्षी को खाने के लिए शिकार प्राप्त नहीं होता तब यह पक्षी मगर के मुंह में जाकर उसके मुंह की सफाई कर देता है और खाना भी प्राप्त कर लेता है और मगर के दांतो में फंसे छोटे-छोटे शिकार केे टुकड़ों खाकर अपना पेट भरता है

क्या है फ्लोवर पक्षी ?

मगर केेेेे मुंह में दिखने वाला यह पक्षी फ्लूूवियनस कुल का एकमात्र सदस्य है इसकी लंबाई 13 सेंटीमीटर होती है।
इसका पंख भूरे रंग का तथा सिर और शरीर पर काली धारियां होती है।

यहां पक्षी मगर के दांतो में फंसे टुकड़ों को निकालता है और अपना पेट भरता है इस पर कार्य एक दूसरेे के सहायता करते हैं तथा जीवन यापन करते हैं मगर को ही पता है कि अपनी सहायता करने वाले को नुकसान नहीं पहुंचाते। इस प्रकार हमें भी हमें भी समझना चाहिए कि जो हमारे साथ चलता है वही हमेशा साथ रहता है।

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