ऐसी कौन-सी कंपनी है जो खुद की गलती के कारण बाजार से बाहर हो गई?

भारत और दुनियांभर में ऐसी ढेरों कंपनियां हैं जो बदलते समय की गतिविधियों के साथ सामंजस्य न बैठा पाने के कारण बाजार से बाहर कर दी गयी।

१. कोडक, कैमरा की रील और कैमरा बनाने वाली कंपनी थी। एक समय में उसकी बाजार में तूती बोलती थी जब स्थिर फोटो का जमाना था। फिर धीरे धीरे बदलाव आया और डिजिटल कैमरा और मोबाइल के कैमरा ने स्थिर फोटो को बाजार से बाहर कर दिया। समय के साथ अगर कंपनी अपने प्रोडक्ट में बाकायदा अनुसंधान कर बदलाव लाती तो वह अब भी बाजार में बनी रहती।

२. जनरल मोटर 100 से अधिक वर्षों के लिए सबसे महत्वपूर्ण कार निर्माताओं में से एक होने के बाद, और दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में से थी। जनरल मोटर्स का भी इतिहास के सबसे बड़े दिवालिया होने वाली कंपनियों में से एक था। प्रतियोगितावादी दुनियां और तकनीक को बदलते वक्त के साथ न अपनाने और असफलता की अनदेखी करने की विफलता कंपनी के असफल हो कर बाजार से बाहर होने के लिए जिम्मेदार थी।

३. कॉम्पैक 1980 और 1990 के दशक में पूरी दुनिया में कंप्यूटर के सबसे बड़े विक्रेताओं में से एक था। कंपनी ने पहले आईबीएम कंप्यूटरों में से कुछ का उत्पादन किया। आईबीएम पर्सनल कंप्यूटर को कानूनी रूप से रिवर्स करने वाली पहली कंपनी थी। कॉम्पैक ने अंततः डेल के खिलाफ मूल्य के तुलना में बाजार में बने रहने की पर्तिस्पर्धा में असफल रही और 2002 में एचपी द्वारा यूएस $ 25 बिलियन में खरीद लिया गया। कॉम्पैक ब्रांड 2013 तक लो-एंड सिस्टम के लिए एचपी द्वारा उपयोग में रहा बाद में इसे बंद कर दिया गया।

४. 1937 में स्थापित, Polaroid अपनी Polaroid तत्काल फिल्म और कैमरों के लिए जाना जाता है। कुछ प्रतिद्वंद्वियों वाले बाजार पर कब्जा करने में अपनी शुरुआती सफलता के बावजूद, पोलरॉइड इस प्रभाव का अनुमान लगाने में असमर्थ था कि डिजिटल कैमरों का उसके फिल्म व्यवसाय पर क्या प्रभाव पड़ेगा। केवल उनकी (ऐतिहासिक रूप से सफल) व्यावसायिक गतिविधियों का फायदा उठाकर सफलता के जाल ’में गिरते हुए, पोलरॉइड ने नए क्षेत्र का पता लगाने और अपनी दीर्घकालिक व्यवहार्यता को बढ़ाने की आवश्यकता की उपेक्षा की।

पोलरॉइड कॉर्पोरेशन को 2001 में दिवालिया घोषित किया गया था और इसके ब्रांड और परिसंपत्तियों को बेच दिया गया था।

५. होम मूवी और वीडियो गेम रेंटल सर्विसेज दिग्गज, ब्लॉकबस्टर वीडियो, 1985 में स्थापित किया गया था और यकीनन वीडियो रेंटल स्पेस में सबसे प्रतिष्ठित ब्रांडों में से एक है। 2004 में अपने चरम पर, ब्लॉकबस्टर ने दुनिया भर में 84,300 लोगों को रोजगार दिया और उसके 9,094 स्टोर थे। एक डिजिटल मॉडल की ओर अग्रसरित करने में असमर्थ, 2010 में दिवालियापन के लिए ब्लॉकबस्टर द्वारा दायर की गई।

इसी श्रृंखला में नोकिआ, याहू, सेगवे, IBM, हिताची, MACY’S, तोशिबा, मोटोरोला, ब्रॉडर, PAN AM , नेशनल जियोग्राफी , अटारी, TOY R US , पेट्स डॉट कॉम, टावर्स रिकॉर्ड, HMV का सामिल है। [1]

मुख्य रूप से इन के फेल होने के जो कारण सामने आये, वह हैं:

बाजार पर ध्यान न केंद्रित करना
बदलते समय के साथ ग्राहकों की जरूरत के अनुसार अपने उत्पाद में बदलाव न करना
कीमतों के साथ प्रतिस्पर्धा में जीत न पाना
तकनीकी बदलाव के साथ उत्पाद के विकास में सामिल न हो पाना
प्रचार के लिए गलत माध्यम का उपयोग
अनुसंधान और बदलते तकनीक को आत्मसात न कर पाना और या उनका गलत मतलब समझना
बदलते बाजार के साथ अपनी बाजार की रणनीति में बदलाव न कर पाना
बाजार के बदलते रुख को जानने के लिए गैर जरूरी अनुसंधान करना।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *