कचनार फूल के पेड़ की क्या उपयोगिता है?

कचनार या कांचनार, द माउंटेन एबोनी के नाम से जाना जाता है और सुंदर गुलाबी फूलों के कारण यह आमतौर पर बगीचों की शोभा बढ़ाता है।

यह औषधी, भारत और चीन की मूल निवासी है और आमतौर पर पूर्वी, मध्य और दक्षिण भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में पाई जाती है। लेकिन इस में कई सारे औषधी गुणधर्म भी होते है।

कांचनार के पत्तियों में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो रक्त शर्करा स्तर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं, इस प्रकार मधुमेह को प्रभावी रूप से प्रबंधित करने में मदद करते हैं।

चयापचय में सुधार करके कांचनार स्टेम वजन घटाने में सहायक होता है।

आयुर्वेद के अनुसार यदि कांचनार चूर्ण को गुनगुने पानी और शहद के साथ सेवन किया जाता है, तो यह हाइपोथायरॉइड का प्रबंधन करने में मदद करता है। इस में त्रिदोष संतुलन और दीपन (क्षुधावर्धक) गुण होते हैं।

कांचनार, ग्रोथ हर्ब के नाम से प्रसिद्ध है। इसकी वजह है की वह, शरीर में ग्रोथ को बढ़ावा देने में सक्षम है। उसी कारण से यह घावों को ठीक करने के लिए उपयोगी है क्योंकि यह नई कोशिकाओं के निर्माण को तेज करता है।

अपने शीत और कसैले गुणों के कारण कांचनार त्वचा की समस्याओं जैसे कि कील, मुंहासे आदि के इलाज में बहुत उपयोगी है ।

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