किन्नरों का विवाह किस देवता से होता है? और क्यों

भगवान अरावन से आइए जानते है की किन्नरों की शादी अरावन से क्यू होती है और यह अरावन देवता कौन हैं

अरावन — अरावन देवता की गाथा महँभारत से जुड़ी हुई है अर्जुन जब एक बार बनवास के समय तमिलनाडु से होते हुए जा रहे थे तो उनकी मुलाकात नाग कन्या उलूपी से हुई और दोनों को प्यार हो गया शादी कर लि उन दोनों का एक पुत्र हुआ जिसका नाम अरावन ररखा गया तब अर्जुन तो उन दोनों को छोड़कर आगे की यात्रा पर चले गए परंतु जब महँभारत का युद्ध हो रहा था तो अरावन भी युद्ध मे शामिल हुआ

अरावन देवता

हुआ ये की एक बार पांडवों को काली को पप्रसन्न करने हेतु बलि देने के लिए एक राजकुमार की आवश्यकता थी तब कोई भी राजुमार तैयार नहीं हुआ परंतु अर्जुन और उलू पी का पुत्र अरावन सहर्ष तैयार हुआ और एक शर्त रख दी की वह अविवाहित नहीं मरेगा तब सवाल यह था की कौन राजा एक दिन के बाद अपनी पुत्री को बिधवा बनाने को देगा तब श्री कृष्ण ने अपना मोहनी अवतार का रूप लेकर

अरावन से शादी की थी क्युकी भगवान श्री कृष्ण भी एक पुरुष के रूप मे स्त्री थे और किन्नरों को भी स्त्री रूप होते हुए भी पुरुष मानते है तब अगले दिन आरावन की मरत्यु पर श्री कृष्ण ने विलाप कीया था क्युकी कृष्ण के मोहनी अवतार भगवान का था और अरावन उसके पति और अरावन के त्याग ने उन्हे भगवान का दर्जा मिला तभबी से किन्नर एक दिन की शादी भगवान अरावन से करते है अगले ही दिन बिधवा का रूप लेते हैँ भगवान अरावन एकमार्ट मंदिर तमिलनाडु मे है

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *