किन लोगों को शनि के लाभकारी फल प्राप्त होते हैं? जानिए

शनि कर्म फल दाता है परम न्यायकारी है उनके लाभकारी फल के विचारणीय पहलू निम्न प्रकार से है –

● ज्योतिषीय लाभकारी तथ्य

जन्म कुंडली मे शनि उत्तम फलदायी एवं लाभकारी परिस्थितियाँ निम्नवत है –

1- तुला लग्न की कुंडली मे शनि सुखेश एवं पंचमेश होकर योगकारक होते है जातक के लिए अतिशुभ परिणाम प्रदान करते है जातक को सुख एवं उत्तम विद्या प्रदान करते है ।

2 – वृषभ लग्न की कुंडली मे शनि भाग्येश एवं कर्मेश होकर योगकारक होते है अतः उक्त लग्न वाले जातको के लिए लाभकारी होते है श्रेष्ठ फल प्रदान करते है ।

3 – मकर एवं कुम्भ लग्न वाले जातको के लिए शनि लग्नेश होने से उत्तम फल प्रदान करते है ।

4 – शनि केन्द्र स्थान प्रथम, चतुर्थ, सप्तम, दशम मे उच्च राशि तुला मे , मूल त्रिकोण राशि कुम्भ मे या स्वराशि मकर मे विराजमान होने पर शश नामक पंचमहापुरुष योग का निर्माण करते है सम्बंधित कारकतत्व मे श्रेष्ठ फल प्रदान करते है ।

5- शनि कुंडली मे तृतीय भाव, षष्ठम भाव, एकादश भाव मे विद्यमान होने पर उत्तम फलदायक रहते है ।

6 – शनि कुंडली मे किसी भी भाव मे उच्च राशि , मूल त्रिकोण राशि ,स्वराशि, मित्र राशि मे विद्यमान होने पर सम्बंधित कारकतत्व मे उत्तम फल प्रदान करते है ।

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