किस खिलाड़ी ने भारतीय क्रिकेट मे सबसे ज्यादा योगदान दिया है?

कुछ रिकॉर्ड होते हैं जो दिखते हैं, लेकिन कुछ रिकॉर्ड ऐसे होते हैं जिन्हे आंकड़ों से नहीं नापा जा सकता।

जैसे सचिन का रिकॉर्ड आंकड़ों में दिखता है, इसमें कोई संदेह नहीं है की उनका योगदान भारतीय क्रिकेट में सवर्श्रेष्ठ रहा है। वैसे ही विराट कोहली का रिकॉर्ड भी आंकड़ों में दिखता है।

इस बात को उदाहरण से समझाती हूँ।

दबंग, चेन्नई एक्सप्रेस, धूम – इन तीन फिल्मों के आंकड़े लाजवाब हैं।
स्वदेस, लीजेंड ऑफ़ भगत सिंह, लगान : आंकड़े थोड़े कमज़ोर हैं, लेकिन… आप समझ ही गए होंगे।

ऐसे 3 खिलाड़ी की जिनके रिकॉर्ड को हम आंकड़ों में नहीं साबित कर सकते

कपिल देव: 80 के शुरुवाती दशक में जब भारतीय क्रिकेट टीम इतनी मजबूत नहीं बनी थी, वर्ल्ड कप 1983 में भी भारत को जीत का दावेदार नहीं माना जा रहा था।

ऐसे समय में कपिल देव ने पूरी टीम का मार्गदर्शन किया। चयनकर्ताओं से लड़ पड़े, भले कप्तानी जाए तो जाए, टीम में जगह ना रहे, लेकिन वर्ल्ड कप के लिए अपनी मांग रख दी, कुछ ऐसे खिलाड़ी उन्हें चाहिए थे जिन्हे चयनकर्ता खिलाने को राज़ी नहीं थे।

नतीजा यह हुआ की भारत ने वर्ल्ड कप जीत लिया। पहली बार भारत को विश्व स्तर पर वह इज़्जत मिली जिसकी वह हक़दार थी।
सौरव गांगुली: 1999 के मैच फिक्सिंग कांड के बाद अज़हरुद्दीन और जडेजा जैसे खिलाड़ी टीम से बाहर हो गए। टीम में भर्ती थे विजय भारद्वाज जैसे खिलाड़ी जिनका ना तो रणजी में कोई रिकॉर्ड था और ना ही भारतीय टीम में।
क्रिकेट में पॉलिटिक्स का शामिल होना साफ़ साफ़ दिख रहा था। भारतीय टीम इतनी कमज़ोर हो चुकी थी की 10 में से 7 मैच हार रही थी।

ऐसे में कप्तानी संभाली सौरव गांगुली ने। नए खिलाडियों के चयन में खुद हिस्सा लिया और खोज निकाला ज़हीर खान, युवराज सिंह, मोहम्मद कैफ और हरभजन सिंह जैसे खिलाड़ियों को।
भारत को वर्ल्ड क्लास टीम बनाया। गांगुली के कप्तान बन ने के बाद भारत हर टूर्नामेंट के फाइनल तक पहुँच जाती थी, फाइनल जीते या ना जीते, लेकिन टीम ज़बरदस्त बन चुकी थी।
महेंद्र सिंह धोनी: धोनी का नाम जब सुनती हूँ तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं, सिर्फ मेरे नहीं, मेरे जैसे करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों के भी। धोनी भारत के सबसे सफल कप्तान रहे हैं और ऐसे समय पर कप्तानी संभाली जब टीम गांगुली- चैपल की लड़ाई से पूरी टीम टूट गयी थी।

2007 वर्ल्ड कप में लीग स्टेज से बाहर हो गयी थी। खुद बल्लेबाज़ी करने 7वें नंबर पर आते थे फिर भी 10,000 रन बनाये हैं। धोनी का योगदान रिकॉर्ड में देखना नामुमकिन है।

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