किस प्रकार के सोए हुए प्राणियों को नहीं जगाना चाहिए? जानिए आप भी

चाणक्य ने सात प्राणियों को नींद से ना जगाने को कहा था, परंतु आज के समय में इसकी परिभाषा थोड़ी बदल गई हैं।

१ चाणक्य अनुसार पहला प्राणी, किसी राजा को सोते समय नींद से नही जगाना चाहिए। आज के समय में अपने से बलशाली यानी पावरफुल इंसान या उच्च अधिकारी को नींद से नहीं जगाना चाहिए। वरना आपको उनके गुस्से का शिकार होना पड़ सकता हैं।

२ चाणक्य के अनुसार दूसरा प्राणी, सोते हुए शेर को को नहीं जगाना चाहिए, उसे छेड़ने से आक्रामक हो सकता हैं और ऐसे में मृत्यु का संकट हो सकता हैं। आज के समय में कुछ इंसान के भेष में भी खूंखार जानवर घूमते हैं, उन्हे नींद से जगाना खतरनाक हो सकता हैं।

३ चाणक्य अनुसार तीसरा प्राणी, सोते हुए सांप को नहीं जगाना चाहिए, नहीं तो वो डस सकता हैं, और उसके जहर से प्राणों को खतरा हो सकता हैं। आज के समय में सांपो से ज्यादा जहर कुछ लोग एक दूसरे के प्रति मन में रखते हैं, और मौका मिलते ही सारा जहर उगल देते हैं। ऐसे लोगो को नही जगाना चाहिए, यानी इनसे उचित दूरी बनाकर रखना चाहिए।

४ चाणक्य के अनुसार चौथा प्राणी, छोटे बच्चे को सोते समय नही जगाना चाहिए। क्योंकि उसे संभालना मुश्किल हो जायेगा। क्योंकि कच्ची नींद में जगाने से बच्चे चिढ़ते हैं और बहुत रोते हैं।

५ चाणक्य के अनुसार पांचवां प्राणी, हिंसक जानवर या पराए कुत्तों को सोते समय नहीं जगाना चाहिए. जगाने पर वो गुस्से में आप पर हमला भी कर सकता है जिससे आपको समस्या हो सकती हैं।

६ चाणक्य के अनुसार छठा प्राणी, मूर्ख व्यक्ति को सोते समय नही जगाना चाहिए। क्योंकि जागते ही ये कोई मूर्खता करेंगे जिससे मुसीबत बढ़ सकती है, क्योंकि मूर्ख को समझाना बहुत मुश्किल होता है। मूर्ख व्यक्ति शत्रु समान होता हैं।

७ चाणक्य के अनुसार, सातवां प्राणी, डंक मारने वाले कीड़े जैसे मधुमक्खी आदि को नींद में नही छेड़ना चाहिए। नहीं तो जगाने पर वो डंक मार सकता हैं।

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