कोरोना के हालात के बीच केंद्र सरकार पर निशाना साध रही ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के वक्त से ही केंद्र और राज्य की सीएम ममता बनर्जी के बीच जारी खींचतान कम होने का नाम नहीं ले रही है। कोरोना के हालात के बीच केंद्र सरकार पर निशाना साध रही ममता बनर्जी ने कहा है कि उन्हें पीएम के साथ हो रही बैठकों में बोलने नहीं दिया जा रहा है। ममता का कहना है कि केंद्र राज्य को वैक्सीन नहीं दे रहा है और इससे टीकाकरण की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। वहीं दूसरी ओर केंद्र का दावा है कि किसी भी राज्य से भेदभाव नहीं हो रहा है और सभी प्रदेशों को उपलब्धता के आधार पर एक ही औसत से वैक्सीन उपलब्ध कराई जा रही है। भले ही ममता बनर्जी ने यह दावा किया हो कि अन्य प्रदेशों की अपेक्षा उनके राज्य को कम वैक्सीन मिल रही हो, लेकिन आंकड़ें बता रहे हैं कि उनके प्रदेश में कोरोना वैक्सीनेशन की रफ्तार भी अन्य राज्यों के औसत के हिसाब से ही है। यूपी से तुलना करने पर पता चलता है कि ममता बनर्जी ने जनसंख्या के अनुपात में यूपी से अधिक लोगों का टीकाकरण कराया है। पश्चिम बंगाल में करीब 10 करोड़ लोगों की आबादी है। अगर 2011 की जनसंख्या को आधार मान लिया जाए पश्चिम बंगाल की जनसंख्या 9.12 करोड़ के आसपास रही है।

पश्चिम बंगाल में लग चुकी है 1.32 करोड़ डोज केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में अब तक कुल 1,32,68,386 डोज वैक्सीन लगाई जा चुकी है। इसमें 94,42,692 लोगों को पहली और 38,25,694 लोगों को दूसरी डोज तक का टीकाकरण हो चुका है। प्रदेश में 2,227 टीकाकरण केंद्रों का संचालन हो रहा है, जिसमें 2170 सरकारी और 57 निजी वैक्सीनेशन सेंटर हैं। यूपी में 6100 से अधिक वैक्सीनेशन सेंटर 24 करोड़ जनसंख्या वाले उत्तर प्रदेश में टीकाकरण सेंटर्स की संख्या 6,308 है। इसमें 6,154 सरकारी और 154 प्राइवेट वैक्सीनेशन सेंटर्स हैं। यूपी में टीकाकरण की रफ्तार की बात करें तो कुल जनसंख्या के मुकाबले यूपी का टीकाकरण प्रतिशत बंगाल की अपेक्षा कम है। यूपी में 1,64,99,073 लोगों का वैक्सीनेशन किया जा चुका है। इसमें 1,31,39,411 लोगों को पहली डोज और 33,59,662 लोगों को सेकंड डोज तक की वैक्सीन दी जा चुकी है। महाराष्ट्र में 2 करोड़ से अधिक लोगों का वैक्सीनेशन 20 करोड़ लोगों वाले महाराष्ट्र में कुल 2,09,69,124 वैक्सीन डोज लगाई जा चुकी है। पहले डोज वाले लोगों की संख्या 1,65,63,621 है, जबकि 44,05,503 लोगों को दूसरी डोज लगी है।

महाराष्ट्र ने बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान शुरू किया है और प्रदेश में कुल 5153 वैक्सीनेशन सेंटर बने हैं। इसमें 4,812 सरकारी और 341 प्राइवेट सेंटर्स शामिल हैं। दूसरी ओर कांग्रेस के शासन वाले पंजाब राज्य में अब तक कुल 44,18,333 वैक्सीन डोज लगाई गई है। इसमें 36,82,614 लोगों को फर्स्ट डोज और 7,35,719 को दोनों डोज लगाई जा चुकी है। पंजाब की कुल जनसंख्या करीब 3.1 करोड़ के आसपास है और प्रदेश में कुल 14 फीसदी के आसपास लोगों का टीकाकरण हो चुका है।

टीकाकरण से अधिक राजनीति प्राथमिकता क्यों? ममता बनर्जी के तमाम दावों के बीच पश्चिम बंगाल में लगातार टीकाकरण का काम कराया जा रहा है। ऐसे में ये आरोप बेमानी साबित हो रहे हैं कि केंद्र की ओर से पश्चिम बंगाल को वैक्सीन देने में कोई भेदभाव हो रहा है। केंद्र का दावा भी है कि यथासंभव सभी राज्यों को आपूर्ति कराई जा रही है और आंकड़ों को देखने पर ये साफ है कि प्रदेशों में जनसंख्या के मुताबिक, टीकाकरण की रफ्तार करीब-करीब एक समान ही है। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि कोरोना का टीकाकरण भले ही स्वास्थ्य से जुड़ा विषय हो, लेकिन वर्तमान में पार्टियां इसपर राजनीति से भी कोई परहेज नहीं कर रही हैं।

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