कोरोना से ठीक हो चुके 22 और मरीज ब्लैक फंगस की चपेट में

संक्रमित और ठीक हो चुके कोरोना मरीजों पर ब्लैक फंगस (म्यूकोर माइकोसिस) का खतरा और बढ़ गया है। 24 घंटे में शहर में इसके 22 नए मरीज डायग्नोस किए गए हैं। इनमें से 9 मरीजों को हैलट में भर्ती कराया गया है। गंभीर पाए गए 7 मरीजों को आईसीयू में ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है। निजी डॉक्टर भी ब्लैक फंगस के मरीजों को हैलट ही रेफर कर दे रहे हैं।

हैलट में कोरोना और ब्लैक फंगस के चार मरीजों को न्यूरो कोविड हॉस्पिटल और 3 मरीजों को मैटरनिटी कोविड में भर्ती किया गया है। वार्ड 9 में दो मरीजों को भर्ती किया गया है। इस बीच, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. देवेन्द्र लाल चंदानी के पास चार और डॉ. मधुकर वशिष्ठ के पास ब्लैक फंगस के 9 मरीज पहुंचे हैं। कोरोना से ठीक हो चुके हैं लेकिन अब इन सभी को नई बीमारी घेर लिया है। इंजेक्शन उपलब्ध न होने के कारण सभी को हैलट रेफर किया गया है। हालांकि 3 मरीज दिल्ली और एसजीपीजीआई चले गए हैं। इस समय शहर में ब्लैक फंगस के कुल मरीजों की संख्या 50 हो गई है। सात मरीज फॉर्च्यून अस्पताल में भर्ती हैं।

ब्लैक फंगस को लेकर हालात बिगड़ने लगे हैं। शुक्रवार को 9 मरीजों को भर्ती किया गया है। सात मरीज कोविड और ब्लैक फंगस की चपेट में हैं, जिन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट में रखा गया है। सभी मरीज किसी न किसी अस्पताल से रेफर होकर आ रहे हैं। इससे निपटने की वैकल्पिक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

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