कौन से पौधे से प्राकृतिक कुमकुम बनता है? जानिए उस पौधे का नाम

एक पौधा कुमकुम का होता हैं जिससे प्राकृतिक कुमकुम का निर्माण किया जाता हैं। पर वर्तमान में इसकी जानकारी बहुत कम साथियों को हैं। केमिकल के इस युग ,अत्यधिक लाभ की लालसा ने प्राकृतिक को पीछे धकेल दिया है।

कम्पिल्लक को अनेक नामों से जाना जाता हैं। कम्पिल्लक के वृक्ष लगभग 10 मीटर तक ऊँचे और अनेक शाखा-प्रशाखाओं से युक्त तथा सदा हरे रहने वाले होते हैं। पश्चिमी उत्तरप्रदेश में इसकी उपलब्धता के कारण इसे “कम्पिल्लक” नाम दिया गया हैं, इस वृक्ष की लकड़ी लाल, चिकनी एवं मजबूत होती है। इसके फल गोलाकार तथा बीज श्याम रंग के, चिकने और लगभग गोलाकार होते हैं।

फलों के पकते समय उन पर लालिमा युक्त चमकदार फल पराग उत्पन्न होता है। इसी को कमीला कहते है। फलों के पक जाने पर उन्हें मोटे कपड़े में डालकर रगड़ते हैं तथा इस तरह रज को अलग निकाल लिया जाता है,यही रज कुमकुम कहलाती हैं।

फलों पर लगा हुआ यही लाल पाउडर औषधि में काम आता है।

कमेला टेपवर्म कृमि दूर करने के काम आता है।

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