क्या अर्जुन के पेड़ की छाल ह्रदय रोग में काम आती है? जानिए सच

अर्जुन की छाल धमनियों में जमने वाले कोलेस्ट्रॉल और ट्रायग्लूसराइड को कम करती है। इससे दिल को रक्त पहुंचाने वाली धमनियां सुचारू काम करने लगती हैं। इस बात का हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि कोलेस्ट्रॉल या ट्राइग्लूसराइड का ज्यादा बढ़ना दिल के लिए घातक हो जाता है। इससे कई बार हार्ट अटैक आने का भी खतरा रहता है। ऐसे मरीजों को रोज अर्जुन की छाल का इस्तेमाल किसी न किसी रूप में अवश्य करना चाहिए।

डायबिटिज के रोगी ऐसे करें अर्जुन की छाल का प्रयोग

अर्जुन की छाल एक साथ कई बीमारियों को साध सकती है। कैंसर व दिल से संबंधित बीमारियों के अलावा डायबिटीज की बीमारी को नियंत्रित करने में अर्जुन की छाल बड़े काम की औषधि है। लेकिन इसके लिए अर्जुन की छाल के साथ देसी जामुन को समान मात्रा मिलाकर पीसकर चूर्ण बना लेना चाहिए। इस चूर्ण को रोज सोने से पहले गुनगुने पानी के साथ लेना डायबिटीज के मरीज के लिए फायदेमंद होता है।

रुक जाता है मोटापा बढ़ना

अर्जुन की छाल का काढ़ा पीने से मोटापे की बीमारी भी नहीं होती है क्योंकि पाचन तंत्र इसके लगातार सेवन से ठीक रहता है। यदि लगातार इसका सेवन किया जाए तो सिर्फ एक माह के इसका असर देखा जा सकता है। अर्जुन की छाल इम्यून सिस्टम को भी मजबूत करती है, जिससे सर्दी खांसी जैसी बीमारियां भी नहीं होती हैं।

मुंह के छाले होते हैं दूर

अर्जुन की छाल चूंकि पेट साफ करती है और इसकी तासीर ठंडी होती है इसलिए यदि इसका रोज सेवन किया जाए तो कभी भी मुंह में छाले नहीं होते हैं। इसके अलावा यह खून को बगैर दवा लिए प्राकृतिक रूप में पतला करने भी औषधि है। इसके सेवन से हाई ब्लड प्रेशर की समस्या भी पैदा नहीं होती है।

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