क्या आपको मालूम है भारत में कागज का आविष्कार कब हुआ

कागज का इस्तेमाल तो आज पूरी दुनिया में हो रहा है, लेकिन क्या आपको कागज के इतिहास के बारे में पता है कि कागज का आविष्कार किसने, कब और कैसे किया। भारत में कागज का इस्तेमाल कब से शुरू हुआ। आज कागज के बिना हमारे सभी काम अधूरे हैं, चाहे बच्चों की पढ़ाई हो या बैंक, व्यापार, आफिस आदि का काम सभी कागज बिना संभव नहीं हैं। कागज को बनाने में घास फूंस, लकड़ी, कच्चे मालए सेलुलोज-आधारित उत्पाद का इस्तेमाल होता है।

कागज का आविष्कार:

कागज का आविष्कारक चीन को माना जाता है क्योंकि सबसे पहले कागज का इस्तेमाल चीन में ही किया गया था। कागज का आविष्कार करने वाले शख्स का नाम है Cai Lun जो चीन के रहने वाले थे। इन्होंने 202 ईपू. हान राजवंस के समय में कागज का आविष्कार किया था। यह बात तो स्पष्ट हो गई की कागज का आविष्कार चीन में हुआ लेकिन चीन के बाद भारत ही वह देश है जहां कागज बनाने और इस्तेमाल किए जाने के प्रमाण मिले।

सिंधु सभ्यता के दौरान भारत में कागज के निर्माण और उपयोग के कई प्रमाण सामने आए हैं जिनसे ये साबित होता है की चीन के बाद भारत में ही सर्वप्रथम कागज का निर्माण और उपयोग हुआ। ऐसा माना जाता है की इस खोज के बाद से ही पूरी दुनिया में कागज का इस्तेमाल व्यापक रूप में होने लगा था।

भारत मे कागज के उद्योग:

भारत में कागज बनाने की सबसे पहली मिल कश्मीर में लगाई गई थी जिसे वहां के सुल्तान जैनुल आबिदीन ने स्थापित किया था। सन् 1887 मे भी कागज बनाने वाली मिल स्थापित की गई थी जिसका नाम था टीटा कागज मिल्स, लेकिन ये मिल कागज बनाने में असफल रही। आधुनिक कागज का उद्योग कलकत्ता में हुगली नदी के तट पर बाली नामक स्थान पर स्थापित किया गया।

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