क्या आप ईश्वर पर विश्वास रखते है

Q.1 ईश्वर की सेवा करने की क्या आवश्यकता है ? 
 उत्तर – यदि तुम एक बार ईश्वर ईश्वर के अस्तित्व को मान लेते हो, तो उनकी सेवा करने के यथेष्ट कारण पाओगे। सभी शास्त्रों के मतानुसार भगवत्सेवा का अर्थ है – स्मरण। यदि तुम ईश्वर के अस्तित्व में विश्वास रखते हो, तो तुम्हारे जीवन में पग पग पर उनके स्मरण करने का हेतु सामने आयेगा । 

Q.2 ईश्वर तो अनंत है , वह फिर भी मनुष्य रूप धारण कर इतना छोटा किस प्रकार हो सकता है ? उत्तर – यह सत्य है कि ईश्वर तो अनंत है । परन्तु तुम लोग अनंत का जो अर्थ सोचते हो, अनंत का वह अर्थ नहीं है । अनंत कहने से तुम एक विराट जड़ सत्ता समझ बैठते हो । इसी समझ के कारण तुम भ्रम में पड़ गए हो । जब तुम यह कहते हो की भगवान मनुष्य रूप धारण नहीं कर सकते, तो इसका अर्थ तुम ऐसा समझते हो कि एक विराट जड़ पदार्थ को इतना छोटा नहीं किया जा सकता। परन्तु ईश्वर इस अर्थ में नहीं है । इसलिए मानव के आकार में अपने को अभिवक्त करने पर भी उनके स्वरूप को कुछ भी क्षति नहीं पहुंचती। 

Q.3 सच्चा ज्ञानी ओर सच्चा भक्त किस कहते है? उत्तर – जिसके हृदय मैं अथाह प्रेम है और जो सभी अवस्थाओं में अद्वैत तत्व का साक्षात्कार करता है , वह  सच्चा ज्ञानी है । ओर सच्चा भक्त वह है , जो परमात्मा के साथ जीवात्मा कि अभिन्न रूप से उपलब्धि कर यथार्थ ज्ञान संपन्न हो गया, जो सब प्रेम से करता है और जिसका हृदय सब के लिए रुदन करता है। ज्ञान और भक्ति में से किसी एक का पक्ष लेकर जो दुसरो की निन्दा करता है, वह न तो ज्ञानी है और नहीं ही भक्त है। 

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