क्या आप जानते है राएसीना हिल को रायसीना हिल क्यों कहा जाता है ?

रायसीना की पहाड़ी भारत की राजधानी नई दिल्ली के हृदय में स्थित है। इसपर ही यहाँ के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास व कार्यालय राष्ट्रपति भवन स्थित है। राष्‍ट्रपति भवन के निर्माण के पीछे एक लंबा इतिहास है। संक्षिप्‍त में कहें तो रायसीना हिल्‍स पर बना राज भवन देश का सबसे महत्‍वपूर्ण भवन है। यहां पर राष्‍ट्रपति का आवास और कार्यालय दोनो स्थित हैं।

इसके चारों तरफ हरियाली और साथ में हैं एक से एक खूबसूरत इमारतें- संसद भवन, इंडिया गेट, विजय चौक और राजपथ। रायसीना हिल्‍स का नाम पड़ा मल्‍चा गांवों के रायसीना परिवारों से। असल में इस इमारत को बनाने के लिए रायसीना के 300 परिवारों की जमीनों का अधिग्रहण किया गया और करीब 4000 एकड़ जमीन पर इमारत बनाई गई। इसे बनाने के लिए 4 साल निर्धारित किये गये थे, लेकिन विश्‍वयुद्ध के कारण इसे बनाने में 19 साल लगे।

23 जनवरी 1931 को पहली बार अंग्रेजों के जमाने में वॉयसरॉय ऑफ इंडिया लॉर्ड इरविन यहां रहने आये। 1950 के पहले तक इसे वॉयसरॉय हाउस कहा जाता था और इस इलाके का नाम लुटियंस था।

इस भवन के मुख्य शिल्पीकार ‘एडविन लैंडसीर लुटियंस’ थे, जबकि इसके प्रमुख इंजीनियर ‘हग कीलिंग’ थे। इस भवन का अधिकतम निर्माण कार्य ठेकेदार हारून-अल-राशिद के द्वारा किया गया।

रायसीना हिल्‍स काफी उचाईं पर स्थित है, लगभग 18 मीटर। रायसीना हिल्‍स पर वॉयसरॉय हाउस बना हुआ था और अंग्रेजों का शासन वहीं से चल रहा था। 1911 में अंग्रेजों ने भारत की राजधानी कोलकाता से दिल्‍ली स्‍थानांतरित करने के लिए रायसीना हिल्‍स के बाकी के इलाके का अधिग्रहण किया और नये प्रशासनिक भवन बनाए गए।

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