क्या ई-गोल्ड लेना चाहिए और कैसे खरीदे कम कीमत मे सोना ?

दिवाली का त्योहार अभी ही खतम हुआ है और काफी लोगो ने सोना खरीदा है। लेकिन आज हम बात करेंगे ई-गोल्ड के बारे मे क्या खरीद ना चाहिये या नहीं और साथ ही साथ ये भी बात करेंगे की कोनसा बेहतर है ई-गोल्ड या फिजिकल गोल्ड।

पहले आप को यह डिसाइड करना होगा की आप सोना किस लिए खरीदना चाहते हो अगर आप सोना पेहने के लिए खरीद ना चाहते हो तो ई-गोल्ड इस लिए है ही नहीं। ई-गोल्ड इनवेस्टमेंट के लिए है। उसमे आप सोना डिजिटल फोरमेट मे खरीदते हो। उसमे आप सोने को पहन नहीं सकते। उसमे आप जितना चाहे उतना खरीद सकते हो जैसे की 1 ग्राम या 500-600 रूपीस का वगेरे। मान लो की 10 ग्राम के सोने की कोई चीज़ है उस मे 10 लोगो का निवेस है यानि 10 लोगो के पैसो से 10 ग्राम का सोना लिया है यह एक तरह से म्यूचुअल फ़ंड जैसा है। जबकि आप फ़िज़िकल गोल्ड 1 ग्राम या 500-600 रूपीस का नहीं खरीद सकते। आपको 5000 हज़ार रूपीस तो चाहिये ही चाहिये। ई-गोल्ड मे सेफटि है यानि आपका सोना सुरक्षित है जब की फ़िज़िकल गोल्ड मे चोरी होने के संभावना है।

फ़िज़िकल गोल्ड मे आपको मेकिंग चार्जिस देना पड़ता है जबकि ई-गोल्ड मे आपको कोई मेकिंग चार्जिस नहीं लगता। फ़िज़िकल गोल्ड आप जब बेचने जाते हो तो आप तुरंत नहीं बेच सकते आपको टाइम लगता है आप सोनी की दुकान पे जावगे वो चेक करेगा और कम या ज्यादा कीमत देगा तो उसमे थोड़ा टाइम लग जाता है जबकि ई-गोल्ड अपने उस से ही गोल्ड खरीदा है तो वो अपने सोने पे संका नहीं करेगा वो आपको तुरंत ही पैसे दे देगा। हमने काफी पॉज़िटिव और नेगेटिव पॉइंट्स देखे फ़िज़िकल और ई-गोल्ड के बारे मे। लेकिन कुछ नेगेटिवे पॉइंट्स भी है दोनों मे जो समान है वो है टेक्स और रिटर्न। आपको फ़िज़िकल और ई-गोल्ड मे लगभग 3% के आसपास आपको जीएसटी देना होता है और आपको कोई रेगुलर रिटर्न नहीं मिलता। यह दो प्रोब्लेम आपको दोनों मे देखने को मिलती है। अगर आप टेक्स नहीं देना चाहते और रिटर्न भी चाहते हो तो आपको सॉव्रेन गोल्ड बॉन्ड लेना चाहिये ।

क्या फायदे है सॉव्रेन गोल्ड बॉन्ड के।

यह भी आपको डिजिटल फॉर्म मे मिलता है और इसमे भी कोई मेकिंग और मेलटिंग चर्जिस नहीं देना पड़ता। इस मे आपको कोई टेक्स देना नहीं पड़ता और आपने जितना भी गोल्ड खरीदा है उस पे आपको सालाना 2.50% का इंटरेस्ट मिलता है। ये एक सेविंग अकाउंट है और ऐसा सेविंग अकाउंट है जिस पे आपको सालाना इंटरेस्ट तो मिलता है साथ ही साथ गोल्ड के बराबर कैपिटल एप्रिसियेसन भी मिलती है।

सॉव्रेन गोल्ड बॉन्ड का लोक इन पीरियड 8 साल का है और जो भी प्रॉफ़िट होता है उस पे कोई कैपिटल गैन टेक्स देना नहीं पड़ता आप 5 साल के बाद भी बेच सकते है लेकिन आपको टेक्स देना पड़ता है। आप 5-8 साल के बीच मे कभी आरबीआई से रिडीम कर सकते हो लेकिन आपको टेक्स देना पड़ेगा। तो क्या आप 5 से पहले बेच नहीं सकते ? बिलकुल बेच सकते हो शेर मार्केट के जरिये। जैसे शेर ट्रेड होते है वैसे गोल्ड बॉन्ड भी ट्रेड होते है आज लेके कल बेच भी सकते हो। हर माइने मे ई-गोल्ड अच्छा लेकिन सॉव्रेन गोल्ड बॉन्ड बेस्ट है एक प्रोब्लेम है दोनों मे की पहेन नहीं सकते। अगर पहेनना चाहते हो तो फ़िज़िकल गोल्ड ही लीजिये।

अब हम बात करते है कैसे डिस्काउंट यानि 6-7% कम कीमत मे सॉव्रेन गोल्ड बॉन्ड खरीद सकते है। हर महीने और दो महीने मे गवरमेंट सॉव्रेन गोल्ड बॉन्ड इशू करती है तब आप इशू के समय यानि गोवेंमेंट से ना खरीदे जब वो बॉन्ड लिस्ट हो जाए यानि शेर बाज़ार मे आ जाए तब खरीदये। गवरमेंट जब बॉन्ड के इशू लाती है तो उसको आईपीओ समज लिजये और जब वो लिस्ट हो जाता तो पब्लिक खरीदती और बेचती है उसके बेसिस पे प्राइस डिसाइड होती है। अगर सॉव्रेन गोल्ड बॉन्ड प्राइस 10 हज़ार है तो वो आपको शेर मार्केट मे 9600 के आसपास मिल जाता है।

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