क्या टेक्नोलॉजी ने इंसान की स्मरण शक्ति को कमजोर कर दिया है? जानिए

हाँ यह बिलकुल सही है। आज की आधुनिक दुनियां में टेक्नोलॉजी ने अपने कदम इतने पसार दिए हैं की व्यक्ति अपने रोजमर्रा के लिए भी टेक्नोलॉजी पर आश्रित होता जा रहा है। हम एक उदाहरण के तौर पर लेते है। एक जमाना था जब हमें अपने आपसी लोगों के सारे मोबाइल नंबर याद रहते थे।

लेकिन टेक्नोलॉजी ने दिमाग से वो वजन भी हटा दिया है। लोगों के स्मार्टफोन में सारे नंबर सेव रहते है। इससे लोग किसी का नंबर याद ही नहीं रखना चाहते। मैंने बहुत से ऐसे लोगों को भी देखा है जिन्हें खुद का नंबर याद नहीं रहता है। वे लोग अपने नंबर अपने मोबाइल में सेव करके रखते हैं। दूसरी तरफ हर तरह की जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध हो जाती है।

और अब अधिकतर लोग इंटरनेट का उपयोग करने लगे है। तो किसी भी तरह की कठिन जानकारी को कोई दिमाग में सुरछित नहीं रखना चाहता। क्योंकि उन्हें मालूम है की जब भी जरुरत पड़ेगी इंटरनेट पर खोज कर लिया जायेगा।

टेक्नोलॉजी से लोगों की व्यक्तिगत याददास्त भी प्रभावित होने लगी है। कहना मुश्किल है की टेक्नोलॉजी ने लोगों के लिए ज्यादा पॉजिटिव है या निगेटिव।

Leave a Reply

Your email address will not be published.