क्या टेस्ट क्रिकेट मैच 4 दिन का कर देना चाहिए?

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) टेस्ट क्रिकेट को पांच से चार दिन का करने का विचार कर रही है। आईसीसी का उद्देश्य 2023 से कैलेण्डर को अधिक स्ट्रीमलाइन करने का है। हालांकि इसे लेकर क्रिकेटीय जगत में अलग-अलग तरह के विचार सामने आ रहे हैं।

आईसीसी का तर्क है कि अगर टेस्ट मैचों को चार दिन का कर दिया जाता है तो इससे बचे वक्त से शेड्यूल का बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा।

पक्ष और विपक्ष

एक ओर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर और उनके कोच हैं जो इस फैसले के पूरी तरह खिलाफ नजर आ रहे हैं। उनका मानना है कि खेल के तत्व पर इससे नकारात्मक असर पड़ेगा और टेस्ट कुल मिलाकर सीमित-ओवरों के खेल का एक लंबा प्रारूप बन कर रह जाएगा।

वहीं, दूसरी ओर क्रिकेट के व्यावसायिक पहलू की बात करने वाले लोग हैं। उनका कहना है कि खेल में अलग-अलग वैरायटी होनी चाहिए। खेल को चलाने वाले लोगों ने सभी विचारों को ‘परंपरागत’ और ‘शुद्धतावादी’ कह कर नकार दिया है।

चार दिन से भी पहले खत्म हो रहे टेस्ट मैच

यह भी सच है कि अब अधिकतर टेस्ट मैच चार दिन या उससे भी पहले खत्म हो रहे हैं। हालांकि, कुछ मजबूत टीमों के मैच इसमें अपवाद हैं। टॉप तीन या चार देशों के मैचों को निर्णय तक पहुंचने में एक अधिक दिन लग रहा है।

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