क्या ये सच है की भगवान परशुराम को अपनी ही माँ का सिर धड़ से अलग करना पड़ा था अगर हाँ तो ऐसा क्यों किया था?

परशुराम की माता रेणुका नदी से जल लाने गयी थीं। वहाँ पर एक गंधर्व अपनी पत्नियों के साथ जल क्रीड़ा कर रहा था। रेणुका वह दृश्य देखने में इतना तल्लीन हुईं, कि अपना उद्देश्य भूलकर वे काफी देर तक वहीं खड़ी रह गयीं। तत्पश्चात विलम्ब से जल लाने के कारण उनके पति ऋषि जमदग्नि ने योगदृष्टि से सब जान लिया।

और फिर एक-एक करके अपने सभी पुत्रों को रेणुका का शिरच्छेदन करने की आज्ञा दी। किन्तु सभी ने इन्कार कर दिया। लेकिन जैसे ही उन्होंने परशुराम को आज्ञा दी, उन्होंने तत्काल माता का शिर धड़ से अलग कर दिया।

बाद में जब प्रसन्न पिता ने परशुराम को वरदान देना चाहा, तो उन्होंने माता को पुनर्जीवित करने की प्रार्थना की। और फिर ऋषिवर ने अपने तपोबल से रेणुका को पुनर्जीवित कर दिया।

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