क्या राफेल एक ही उड़ान में फ्रांस से भारत नहीं आ सकता? जानिए

जी नहीं। राफेल विमान की अधिकतम रेंज 3 ड्रॉप टैक्स के साथ 3700 किलोमीटर है जिसे मिड एयर रिफ्यूलइंग के ज़रिए बढ़ाया जा सकता है।

फ्रांस से भारत तक की कुल दूरी 7000 कि.मी. है जिसको पूरा करने में इस विधि को कम से कम दो बार करने की ज़रूरत थी जिस वजह से भारतीय वायु सेना ने यू. ए. ई. के अबू धाबी में एक विराम लेने का निर्णय लिया।

इसका दूसरा फ़ायदा यह भी था के पायलट्स को विश्राम करने का भी मौका मिल गया क्यूंकि इतनी लंबी दूरी तक जेट चलाना वो भी इतनी तेज गति से काफ़ी थका देने वाला कार्य हो सकता है।

राफेल से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

इसका कुल वजन 10 टन है।
इसकी अधिकतम वजन उठाने की काबिलियत 25 टन है।
यह एक ट्विन इंजन जेट है जो कि दो प्रकार में आता है
सिंगल सीटर
डबल सीटर
यह विमान अंबाला में तैनात किए जाएंगे जिसे भारतीय वायु सेना के स्क्वाड्रन नं 17 गोल्डन ऐरोज़ को सौंपा जाएगा।
यह कुछ मिसाइलें है जो कि यह विमान चलाने की क्षमता रखता है
मीटिॵर बेयोंड विजुअल रेंज एयर टू एयर मिसाइल
माइका मल्टी मीशन एयर टू एयर मिसाइल
स्कैल्प डीप स्ट्राइक क्रूज मिसाइल

उम्मीद करता हूं आपको उत्तर पसंद आया होगा। राफेल से जुड़े कुछ और तथ्य जानने के लिए जुड़े रहे।

-रजत चौहान

एडिट 1- 1000 अपवोट्स के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।

एडिट 2- 1000 अपवोट्स होने की इस कड़ी में मै राफेल से जुड़े कुछ और फैक्ट्स आपके साथ सांझा कर रहा हूं।

भारत में दो प्रकार के राफेल आ रहे है ये बात तो आप जान चुके है पर
सिंगल सीटर राफेल BS इनिशल के साथ आएगा जो कि हमारे पूर्व एयर चीफ मार्शल बीरेंद्र सिंह धनोआ के राफेल डील के योगदान के लिए रखा गया है।

डबल सीटर राफेल RB इनिशल्स k साथ आएगा। जो कि हमारे एयर चीफ़ मार्शल R.K.S Bhadauria जी के राफेल डील में योगदान के लिए रखा गया है।

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