क्या हमारे पितर श्राद्ध ग्रहण करने पितर लोक से पितर पक्ष में धरती पर आते हैं

श्राद्ध में ब्राह्मणों, ज़रूरतमन्दो, सवासिनियो को भोजन करवाना एक जरूरी परंपरा है। पितृ पक्ष में श्राद्ध कर्म के बाद ब्राह्मण भोज कराने का विधान बताया गया है।

धर्म ग्रंथों के अनुसार, श्राद्ध वाले दिन ब्राह्मणों के साथ वायु रूप में पितृ भी भोजन ग्रहण करते हैं। ऐसी मान्यता है कि ब्राह्मणों द्वारा किया गया भोजन सीधे पितरों तक पहुंचता है।

पितृ अपने प्रियजनों के द्वारा किया गया तर्पण-श्राद्धादि, ब्राह्मण भोज से तृप्त होते हैं और अपने लोक को वापिस लौटते हुए ढेर सारे आशीर्वाद देकर जाते हैं, इससे तन, मन और घर में शांति आती है, रोग और शोक से भी मुक्ति मिलती है। इसलिए श्राद्धकर्म कराने वाले हर व्यक्ति को ब्राह्मण भोज अवश्य कराना चाहिए।

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