क्या है मरने के बाद आत्मा के भटकने का सच? जानने के लिए पढ़ें।

हम सभी ने कभी ना कभी दूसरों को यह कहते हुए ज़रूर सुना होता है कि कोई शख्स जो मर चुका है उसकी भटकती हुई आत्मा को लोगों द्वारा देखे जाने का दावा किया गया या किसी ने यह दावा किया की उसने किसी मरे हुए इन्सान की आत्मा को देखा है। आज हम आपको बताएँगे कि आखिर क्या है आत्मा का सच और क्या किसी के मरने के बाद भी उसकी आत्मा भटक सकती है?

दरअसल आत्मा या रूह तो इन्सान के शरीर में होती है लेकिन तबतक जबतक इन्सान जिन्दा रहता है लेकिन जब इन्सान मर जाता है तो उसकी आत्मा उसका शरीर छोड़ देती है और आसमान में उठा ली जाती है। तो फिर सवाल यह उठता है कि क्या लोगों द्वारा किसी मरे हुए इन्सान की आत्मा को देखे जाने की बात झूठी है? इसका जवाब यह है कि लोगों ने जो देखा होता है वो तो सच होता है लेकिन लोग उसको आत्मा समझ बैठते हैं तो यह सच नहीं है।

जब इन्सान अपनी माँ की कोख से जन्म लेता है तो उसके जन्म लेते ही हम्ज़ाद उसके साथ लग जाता है और फिर हमेशा साय की तरह उसके साथ ही रहता है जबतक उस इन्सान की मौत ना हो जाए। दरअसल हम्ज़ाद एक शैतान जिन्न होता है जो इन्सान के जन्म से ही उसके साथ साय की तरह रहता है जो उस इन्सान के बारे में हर एक चीज जानता है यहाँ तक कि उससे भी ज्यादा जानता है।

हम्ज़ाद वो शैतान है जो इन्सान से बुरे काम करवाता है तो जब भी किसी इन्सान के दिल में कोई बुरी बात आती है या वह कुछ गलत करने को सोचता है तो यह वही शैतान जिन्न है जो इन्सान के दिल में बुराई को डालता है और उसको गलत रास्ते पर ले जाता है। जब वही शख्स मर जाता है तो यह हम्ज़ाद जिन्न उसका शरीर छोड़ देता है और उसी मरने वाले शख्स की शक्ल में लोगों को दिखायी देता है जिससे कि लोग उसको जिन्दा समझें या फिर उसकी आत्मा समझकर लोगों में डर और भ्रम फैला दें।  

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