क्रिकेट में सबसे ईमानदार खिलाड़ी कौन है?

वर्ल्ड कप 2011 के मैच में, जब बल्ले से गेंद लग कर विकेटकीपर संगकारा के दस्तानों में गयी | बहुत ज़ोर से अपील हुई | अंपायर थोड़े असमंजस में थे, क्युकी एज लगा या नहीं, उन्हें भी नहीं पता चला |

अंपायर के उंगली उठाने से पहले ही इस खिलाड़ी ने अपना आउट होना मान लिया | और अपने आप ही क्रीस छोड़ दी | ये है इसकी ईमानदारी |

पर अपने क्रिकेट करियर में ही नहीं, ये आदमी अपनी आत्मा, सोच और सिद्धांत से भी ईमानदार है | क्या आपने कोई क्रिकेटर या कोई भी सेलिब्रिटी को ‘transgender’ समुदाए को सपोर्ट करते देखा है कभी ? वो भी दुप्पटा और बिंदी लगा कर? उनके बीच जा कर?

सनातन धरम में लंगर का संप्रत्यय है | आपका करोड़ों कमाने वाला क्रिकेटर कभी आपके साथ इस तरह खाना खायेगा क्या?

पर गौतम गंभीर जैसा इंसान चाहे वर्ल्ड कप हो, या हो आम ज़िन्दगी |

अपने सिद्धांत हो, अपनी परंपरा हो, अपनी पहचान हो , अपने संस्कार हो, अपना देश हो या अपने लोग हो , सबके लिए ईमानदारी से खड़ा होता है | सपोर्ट करता है.

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