गरीबों को हर रोज 75 ग्राम प्रोटीन मिल जाए, ऐसे कौन से स्रोत हैं?

शरीर की वृद्धि के लिए अगर कोई सबसे ज्यादा जरूरी पोषक तत्व है तो वो है प्रोटीन। क्योंकि प्रोटीन से ही हमारे शरीर की मसल्स बढ़ती हैं, इससे ही हमारी लंबाई बढ़ती है। और अगर कहें तो हमारे शरीर का विकास प्रोटीन से ही होता है। लेकिन समस्या ये आती है कि आखिर शरीर के लिए पर्याप्त प्रोटीन हमें कहां कहां से मिल सकती है। पहले में यह आपको प्रोटीन के सभी स्रोतों के बारे में बता देता हूं फिर आपके सवाल का जवाब दूंगा।

तो प्रोटीन के मुख्य स्रोतों में सोयाबीन, चना, दालें, दूध, मांस, मछली, अंडा और हरी सब्जियां। हमारे अनाजों में भी प्रोटीन पाया जाता है। अब इनमें से कुछ चीजे ऐसी हैं जिन्हें सभी लोग नहीं खाते।जैसे कुछ लोग शाकाहारी हैं तो कुछ लोग मांसाहारी हैं। हमारे देश में कुछ लोग इतने गरीब भी हैं जो इन चीज़ों को अफोर्ड नहीं कर पाते, लेकिन हर किसी के शरीर को तो प्रोटीन की जरूरत होती है। शरीर को तो हर हाल में प्रोटीन चाहिए।

अब बात आती है कि एक गरीब आदमी अपने शरीर को भरपूर प्रोटीन कहां से दे।क्योंकि एक हट्टा कट्टा और स्वस्थ शरीर हर कोई चाहता है। में भी एक गरीब परिवार से बिलोंग करता हूं और थोड़ी सी खेती में मजदूरी करके अपने परिवार के साथ जीवन निर्वाह करता हूं।

हम गरीबों के लिए भी भगवान ने प्रोटीन के बहुत अच्छे अच्छे स्रोत दिए हैं। अगर हम उन्हें सही तरीके से खाएंगे तो हम पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन की भरपाई कर सकते हैं। जैसे –

दुनिया में अगर प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत है तो वो है सोयाबीन।

साइंस के मुताबिक सोयाबीन में सबसे ज्यादा प्रोटीन पाया जाता है। और यह बाजार में ज्यादा महंगा भी नहीं मिलता।बाजार में एक किलो सोयाबीन दाल की कीमत लगभग 60–70 रुपए प्रति किलो होती है।और एक किलो सोयाबीन लगभग एक महीने से ज्यादा तक चलती है । इसमें ज्यादा प्रोटीन होने के कारण इसकी कम मात्रा ही खब पाती है। आप शाम को एक मुठ्ठी पानी में भिगो कर रख दो और सुबह खा लो। इसकी सब्जी भी बनाई जाती है यह हम गरीबों के लिए प्रोटीन का वरदान होती है।

2- इसके बाद बारी आती है चनों की। चनों के अंदर भी प्रोटीन की बहुत अच्छी मात्रा पाई जाती है।

इन चनों के खाने के तरीके के बारे में कौन नहीं जनता। इनको पानी में भिगो कर भी खाया जाता है। इनकी सब्जी भी बनती है इनकी चाट भी बनती है। इन्हें भूनकर भी खाया जाता है इन्हें उबालकर भी खाया जाता है। और इनकी बाजार में कीमत बस 50–60 रुपए किलो। अगर इन्हें सही तरीके से खाएं तो ये भी लगभग 20–30 दिनों तक चल जाते हैं। जिन्हे हर कोई खरीद सकता है।

3- अब एक ऐसे खाद्य पदार्थ की बात करते हैं जिसमें प्रोटीन, कैल्सियम, विटामिन,कार्बोहाइड्रेट जैसे अनगिनत पोशाक तत्व पाए जाते है।

शहर का तो इतना खास मुझे पता नहीं लेकिन गावों में आज भी घरों में गाय, भेंस, और बकरी पाली जाती हैं। इस दूध में सभी प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं।इसलिए दूध की कीमत पिछले कुछ दिनों में दुगनी हो गई है। क्योंकि इसकी मांग बहुत ज्यादा है। और इसकी मांग ज्यादा होने का कारण यही है कि ये सभी पोषक तत्वों से सर्वगुण सम्पन्न होता है। अगर आप दूध अफोर्ड कर पाते हैं तो बहुत अच्छी बात है। और जिनके घर दूध होता है वो दिन में कम से कम दो बार दूध जरूर पिएं। क्योंकि इससे हमारे शरीर की खाद्य संबंधी सरी समस्याएं खत्म हो जाती हैं।

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