गाय के संगत का असर पढ़े मजेदार कहानी जानिए

एक गांव में किसी आदमी के पास बहुत सी गाय था वो गाय की दूध को बेचकर अपना गुजारा करता था। एक बार उनके गांव में कई महात्मा आए और वहां यज्ञ करने लगे। और वृक्षों के पत्ते पर श्रीकृष्ण लिख रहे थे, वो व्यक्ति रोज वहां अपनी गायों को चराने के लिए लेे जाता था। एक दिन उस गाय में से एक गाय ने श्रीकृष्ण लिखा हुआ पत्ता को खा लिया शाम को जब सभी गाय अपने बाड़े में चले गए। तब वह गाय श्रीकृष्ण – श्रीकृष्ण बोलने लगा तब सभी गाय उससे बोली – ये तुम क्या बोल रही हो। तब उस गाय ने बोला श्रीकृष्ण नाम का पत्ता मेरे पेट के अंदर चला गया है और ये नाम मेरे अंदर समा गया है। ऐसा कहकर वो गाय फिर श्रीकृष्ण नाम की माला जपने लगी सभी गायों ने निर्णय लिया कि इसे अपने टोली से निकाल देते है।

सबुह वह व्यक्ति जब बाड़े में आया तो उसने देखा कि वह गाय बाड़े के बाहर खड़ा हुआ है, तो वह उसे आपस अंदर करता है। पर बाकी के गाय उसे सिंग मारके बाहर कर देती है उस व्यक्ति को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि सभी गाय इसे बाहर क्यों कर रही है। कहीं इसको कोई बीमारी तो नहीं हो गई और वह सोचने लगा कि एक गाय के चक्कर में मेरी सारी गाय बीमार हो जाएं। वो व्यक्ति रात में उस गाय को जंगल में छोड़कर चला आता है। जंगल में एक चोर को वो गाय मिलता है वो उसे लेकर किसी दूर गांव में एक किसान को बेच देता है।

अब वह किसान उस गाय का दूध निकालकर बेचने लगा और अपना गुजारा करने लगा। श्रीकृष्ण का नाम जपने से उस गाय का दूध अमृत बन गया था दूर – दूर से लोग उस गाय का दूध लेने आने लगे। और वह किसान धीरे – धीरे अमीर बनने लगा एक दिन राजा के मंत्री वहां से गुजर रहे थे तभी वे किसान के घर के पास रुके तो किसान ने उसे गाय का दूध पिलाया। दूध पीकर मंत्री ने कहा मैंने ऐसा दूध कभी नहीं पिया था वो उस गया को देखकर हैरान रह जाते है और वापस महल चले जाते है।

उन दिनों उस नगर की रानी बीमार थी कई वेध के उपचार के बाद भी वह ठीक नहीं हो रही थी। तब राजगुरु ने राजा से कहा रानी को तो अब भगवान ही बचा सकते हैं। तब मंत्री ने राजा को उस गाय के बारे में बताया राजा को इस बात पर यकीन नहीं हुआ और वह मंत्री के साथ किसान के पास पहुंचे और उस गाय को देखकर हैरान रह गए। राजा ने किसान से कहा ये गाय मुझे दे दो फिर किसान ने राजा से हाथ जोड़कर कहा इस गाय से मेरा घर चलता है।

और इसी गाय के चलते मेरी घर की स्थिति भी सुधरी है अगर ये गाय में आपको दे दूंगा तो मै फिर से भूखा मरने लगुंगा। राजा ने किसान से कहा कि मै तुम्हे इस गाय के बदले इतना धन दूंगा की तुम अपनी बाकी की जिंदगी आराम से गुजार पाओगे। तब किसान ने गाय को राजा को खुशी खुशी दे दिया अब वो महल में रहती और रानी के पास श्रीकृष्ण का नाम जपती रहती थी। उस गाय के श्रीकृष्ण जाप से और उसके अमृत समान दूध को पीने से रानी ठीक हो गई और सभी उस गांव के लोग श्रीकृष्ण का जाप करने लगे यह सभी असर उस गाय के संगत से ही हुआ है।

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