गाय को मां कहने के पीछे है वैज्ञानिक कारण, एक बार जरूर जाने

, हिंदू धर्म में गाय को मां का दर्जा दिया जाता है। लेकिन अधिकांश लोग इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण नहीं जानते हैं। क्या आप लोग बता सकते हैं कि गाय को माता क्यों कहते हैं? जबकि भैंस को नहीं कहा जाता। आज हम जो टॉपिक ले कर आये हैं, वह इसी चीज से संबंधित है। इसलिए आप पूरी जानकारी को जरूर पढ़ें ताकि आपके ज्ञान में वृद्धि हो और आपको जब भी कोई यह सवाल करे तो तुरंत जवाब दे सको। चलिए जानते हैं – 

दोस्तो, गाय के दूध में पोषक पदार्थ पाए जाते हैं, जैसे कि प्रोटीन, कैल्शियम, फैट, सोडियम, पोटैशियम, विटामिन आदि। ये सभी प्रकार के पोषक पदार्थ एक औरत के दूध में भी मौजूद होते हैं। हम यह भी कह सकते हैं कि औरत के दूध में मिलने वाले सारे के सारे पोषक तत्व गाय के दूध में भी मौजूद होते हैं। अन्य किसी और जानवर के दूध में ये सभी चीज़ें मौजूद नहीं होती हैं। अन्य जानवरों के दूध में ये चीजें कुछ कम होती है तो कुछ चीज़े बहुत ज्यादा मात्रा में होती हैं।

आप सारणी में सारे पोषक पदार्थ देख सकते हैं। इसमें आप देख सकते हैं कि एक तरफ औरत के दूध की मात्रा दी गई है जबकि दूसरी और गाय के दूध की मात्रा दी गई है। इसमें सभी चीजें गाय के दूध में औरत के दूध से लगभग तीन गुना होती है। जब आप अपने बच्चे को गाय का दूध पिलाना हो तब गाय के दूध में तीन गुना पानी मिलाना है। आप अगर तीन गुना पानी मिला देते हैं तो वह दूध बिल्कुल औरत के दूध जैसा हो जाता है। इस दूध में आप चीनी के बजाय थोड़ा गुड़ मिलाकर बच्चे को पिलाएंगे तो बच्चे को पीने में अच्छा लगेगा और बच्चे को अपनी मां के समान ही पोषक पदार्थ मिलेंगे। 

यह दूध एक औरत के दूध के समान ही ताकतवर, पोषक व बीमारियों से बचाने वाला होता है। किसी अन्य दूध में यह बिल्कुल देखने को नहीं मिलता है। बस यही कारण है कि गाय के दूध को सर्वोत्तम माना जाता है और यह बच्चों के लिए उसकी मां के दूध जैसा काम करता है। इसी वैज्ञानिक कारण से गाय को माता का दर्जा दिया जाता है। 

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