गुरु गोविंद सिंह के बच्चों को किसने मारा और क्यों ?

गुरु गोविन्द सिंह सिखों के दसवें गुरु थे। उनका जन्म बिहार के पटना शहर में हुआ था। उनके पिता गुरू तेग बहादुर की मृत्यु के उपरान्त 11 नवम्बर सन 1675 को वे गुरू बने। वह एक महान योद्धा, कवि एवं आध्यात्मिक नेता थे। मुगलों ने उनसे आत्मसमर्पण करने को कहा था,

उन्होंने समर्पण करने की बजाय, उन्हें चुनौती दे दी। इस पर मुगलों ने उनके पुत्रों की निर्ममता पूर्वक हत्या कर दी है। इस वक्त गुरुदेव ने कहा था कि देश की आन-बान और शान के लिए ऐसे कई पुत्र कुर्बान हैं। उन्होंने शोक मनाने की बजाय लोगों से अपील की कि वे नई पीढ़ी को अन्याय के खिलाफ खड़ा करें।

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