गुरु नानक ने मक्का का दौरा क्यों किया था? जानिए

गुरु नानक जी का एक शिष्य मरदाना था जो मुस्लिम था। मरदाना ने गुरु नानक देव जी से कहा कि उसे मक्का जाना है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि जब तक एक मुसलमान मक्का नहीं जाता तब तक वह सच्चा मुसलमान नहीं कहलाता है। 

गुरु नानक देव जी ने यह बात सुनी तो वह उसे साथ लेकर मक्का के लिए निकल पड़े। गुरु जी मक्का पहुंचे तो वह थक गए थे और वहां पर हाजियों के लिए एक आरामगाह बनी हुई थी तो गुरु जी मक्का की तरफ पैर करके लेट गए।

हाजियों की सेवा करने वाला खातिम जिसका नाम जियोन था वह यह देखकर बहुत गुस्सा हुआ और गुरु जी से बोला, क्या तुमको दिखता नहीं है कि तुम मक्का मदीना की तरफ पैर करके लेटे हो। तब गुरु नानक ने कहा कि वह बहुत थके हुए हैं और आराम करना चाहते हैं। उन्होंने जियोन से कहा कि जिस तरफ खुदा ना हो उसी तरफ उनके पैर कर दे। इस पर लोगों ने गुरु नानक देव जी के पैर घुमाकर काबा से उल्टी दिशा में कर दिए।

जैसे ही उन्होंने नानक जी के पैर जमीन पर छोड़े और सिर उठाकर देखा तो हैरान रह गए, काबी उसी तरफ था जिधर ‌उन्होंने नानक जी के पैर किए। इस घटना का जिक्र सिख धर्म की सबसे पवित्र ग्रंथ ‘श्री गुरु ग्रंथ साहिब’ में किया गया है।

तब जियोन को गुरु नानक की बात समझ में आ गई कि खुदा केवल एक दिशा में नहीं बल्कि हर दिशा में है। इसके बाद जियोन को गुरु नानक ने समझाया कि अच्छे कर्म करो और खुदा को याद करो, यही सच्चा सदका है।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *