चींटियों के बारे में हैरान कर देने वाले रोचक तथ्य

बरसात के दिनों में अक्सर आपने एक ही लाइन में ढेरों नन्ही-नन्ही चींटियों को अपनी पीठ पर भोजन या फिर अंडे ले जाते हुए देखा होगा। ऊंचाई से गिरकर फ़िर से ऊपर चढ़ना यहीं इनकी खासियत है। तभी तो नन्ही सी जान होने के बावजूद, इंसान किसी की हिम्मत बढ़ाने के लिए सबसे पहले चींटी का ही उदाहरण देता है। क्योकि कीटों की दुनिया में चींटियों में मेहनत करने की गज़ब की क्षमता होती है।

हम इंसानों की तरह ही चींटिया भी मिलनसार और सामाजिक होती है । आपस में मिल जुलकर अपना भोजन खोजना और उसको अपने राज्‍य तक ले जाना ये सब काम इनके मिलनसार होने का प्रमाण हैं।

अब आप सोच रहे होंगे की मैंने राज्य क्यों कहा, क्या वाकई में चींटियों का भी कोई राज्य होता है । इसका जवाब हैं, हाँ बिल्कुल ! चींटियों का भी अपना एक राज्‍य होता है । जिसमे वे हम इंसानों के जैसे ही छोटी-छोटी कॉलोनियाँ बनाकर रहा करती है। इन कॉलोनियों में ये बड़े बड़े ग्रुप में रहते हैं। जिनमें सिपाही. मज़दूर और अण्डे देने वाली रानी चींटीयाँ शामिल होती हैं।

चींटियाँ वैसे तो आकार में छोटी सी होती है पर इनकी प्रजातियों पर नजर डाली जाएं तो कुछ थोड़ी बड़ी या सामान्य से एक दम बारीक़ सी होती है। वैसे इनके आकार पर मत जाएंगा। वैज्ञानिकों का मानना हैं, की छोटे आकार के होने के बावजूद उनका दिमाग़ बहुत तेजी से काम करता है।

जान तक ले सकती हैं चींटी
एक बार किसी व्यक्ति को काट दे तो निशान बना कर छोडती है। यदि एक साथ कई चींटियाँ मिलकर किसी को काट लें तो ये उस व्यक्ति के लिए बेहद ख़तरनाक साबित हो सकता है। आपको बता दे चींटियों में भी ज़हर की मात्रा पाई जाती है, अगर एक चींटी या 2 से तीन चींटियाँ काटे तो इनके काटने का कोई असर नही पड़ता बस उस जगह लाल-लाल निशान पड़ जाते है। अगर असंख्य चींटियाँ काट ले तो उनका ज़हर असर कर जाता है। और जानना हैं चींटियों के बारें में कुछ रोचक बातें जिनको जानकर आप हैरान रह जायेंगे, तो आगे की स्लाइड में पढ़े…

  1. प्रजातियाँ
    इस दुनिया में अबतक चींटियों की लगभग 12,000 प्रजातियाँ है।
  2. क्षमता
    ऐसा माना जाता है की चींटियाँ अपने शरीर की तुलना में 50 गुना ज्यादा भार उठा कर चल सकती है ।
  3. काम का बंटवारा

रानी चींटी बाकि चींटियों की तुलना में आकार में सबसे बड़ी होती है और केवल रानी चींटियो के पंख होते हैं, इसका काम लाखों-हजारों अंडे देना होता है। नर चींटे का शरीर आकार में रानी चींटी से बहुत छोटा होता है। यह रानी चींटी को गर्भवती करने के कुछ दिन बाद ही मर जाता है। बाकि चींटियों का काम अंडो और बच्चों की देखरेख करना, उनके लिए खाना लाना और छोटी छोटी बस्तियाँ बनाना है। इसके अलावा सिपाही चींटियों का काम घर की सुरक्षा करना है।

  1. इनकी उम्र – Age of Ants
    रानी चींटी की उम्र लगभग 20 साल होती है। अन्य चींटियाँ करीब 45-60 दिन ही जीवित रहती हैं। लेकिन अगर रानी चींटी मर जाएं तो कुछ ही दिनों में चींटीयों की छोटी-छोटी बस्तियाँ नष्ट हो जाती है।
  2. एक दूसरे से बात करने का तरीका – How Do Ants Communicate?

अगर चींटियों को एक दूसरे से कम्यूनिकेट करना हो तो ये एक विशेष प्रकार की गंध (फेरोमोन) छोड़ती हैं। जब चींटियाँ भोजन की ख़ोज में निकलती हैं, तो आगे बढ़ने वाली जिस चींटी को भोजन मिल जाता हैं। वह भोजन मिलते ही वापस आते हुएँ, अपनी कालोनी तक फेरोमोन की एक लकीर छोड़ती हुई वापस आती हैं। जिसकी गंध पाकर बाकि वर्कर्स चींटियाँ उस जगह तक पहुँच जाती हैं, और उस खाने को धीरे धीरे अपने बिलों तक ले जाने लगती हैं। इसके अलावा एक पंक्ति में चलने वाली हर चींटी अपनी अगली साथी चींटियों के लिये फेरोमोन भी छोड़ती जाती है। खाना ढ़ोहने तक ये फेरोमोन छोड़ती है।

जब खाना खत्म हो जाता हैं तो ये उस गंध को छोड़ना बंद कर देती हैं जिससे बाकि चींटियों को पता चल जाता हैं की खाना खत्म हो चूका हैं। एक और बात जब पंक्ति में जाते हुएं किसी चींटी को खतरा महसूस होता हैं तो वह खास तरह का केमिकल अलार्म की तरह छोड़ती है, जिसे सूंघकर अन्य चींटियाँ भी उस तरफ जाना बंद कर देती हैं।

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