जहांगीर ने गुरु अर्जुन देव को फांसी किस कारण दी थी? जानिए वजह

जहाँगीर का एक बेटा, जिसका नाम “खुसरो” था, बादशाह बनने के लालच में आकर, अपने पिता से विद्रोह कर बैठा। तब जहाँगीर की सेनाओं नें खुसरो का पीछा करना शुरू कर दिया।

खुसरो जब पंजाब से गुजर रहा था, तब उसनें वहाँ गुरु अर्जुन देव जी के दर्शन किए। गुरुजी नें उसे आशीर्वाद भी दिया।

इस बात की सूचना पाकर जहाँगीर तिलमिला उठा तथा उसने गुरुजी को दण्ड देने का निश्चय किया।

पहले तो उसने गुरुजी को बलपूर्वक मुस्लिम बनाने की कोशिश की। जब गुरुजी नहीं माने, तो उसने अत्यंत नृशंसतापूर्वक गुरु अर्जुनदेव जी की हत्या करवा दी।

इस घटना का उल्लेख जहाँगीर नें अपनी आत्मकथा तुजुक – ए – जहाँगीरी में किया है।

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