जानिए कैसे 14 लाख की नौकरी छोड़, फूलों के कचरे से ईको फ्रेंडली धूप-अगरबत्ती बना रहा यह IIT ग्रेजुएट

आज हम आपको बताने जा रहे हैं एक ऐसे व्यक्ति के बारे में जिसने एक अपने विचार के साथ अपने दम पर कैसे बिजनेस शुरू किया वह भी खराब फूलों के साथ उन्होंने कानपुर आईआईटी से ग्रेजुएशन की है उसके बाद उनको बहुत ही अच्छा पैकेज भी मिल रहा था लेकिन उन्होंने उस नौकरी को छोड़ दिया उन्होंने जब उस नौकरी को छोड़ा तब घरवाले और सभी दोस्त भी उनको तरह-तरह की बातें सुनाने लगे लेकिन उन्होंने किसी की भी बात नहीं सुनी और जो उन्होंने सोचा था वही करने का निश्चय किया ।

एक समय वह किसी अपने विदेशी दोस्त को गंगा नदी के पास घुमाने के लिए ले गया उसने वहां पर देखा की जो भी खराब फूल और अत्यधिक फूल होते हैं उनको लोग नदी में बहा देते हैं तथा उन फूलों से नदी दूषित हो जाती है फिर उनके उस दोस्त ने उनसे कहा कि आप कुछ करते क्यों नहीं हैं और फिर यह बात सुनकर उसके दिमाग में विचार आया कि मैं इन फूलों से कुछ करूंगा तथा उन्होंने इको फ्रेंडली अगरबत्ती बनानी शुरू कर दी और यह बिजनेस बहुत अच्छे से चलने लगा और यह कार्य भी बहुत ही उत्तम कार्य हैं

जब उनका यह कार्य सफल रहा तब उन्होंने कई मंत्रों के साथ भी संपर्क किया और जो भी बाबरपुर अत्यधिक होते थे और चलाए जाते थे अगले दिन उन फूलों को वह पैसे नहीं थे वह फूल इकट्ठे करके इस लड़के के पास दे दिए जाते थे और उनके साथ यह अगरबत्ती बना देता था ।

इसके साथ अच्छी कमाई भी होने लगी और बाकी भी कई कंपनियों ने हिस्सा डाला इसके साथ एक तो वातावरण खराब होने से बचता था और उन फूलों का बिल्कुल सही उपयोग होने लगा और कई लोगों को रोजगार भी मिला तथा कई लोगों ने फूलों की खेती करके उन फूलों को वहां तक पहुंचाने का काम भी शुरू कर दिया

दोस्तों इस कहानी से हमको यह पता चलता है कि हमारे अंदर कई तरह के टैलेंट छुपे होते हैं लेकिन उनको निकालने के लिए हमें थोड़ी सी मेहनत करनी पड़ती है और दृढ़ संकल्प करना पड़ता है कि हम उस कार्य में सफल हो कर ही रहेंगे और उसके लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे आप भी इस तरह के आईडिया से अपनी जिंदगी बदल सकते हो और अपना कोई भी बिजनेस शुरू कर सकते हो.

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