ज्योतिष के अनुसार जन्म कुंडली के कौन से दोष जीवन भर मृत्युतुल्य कष्ट देते हैं ?

वैसे तो कोई भी ग्रह किसी भी जातक को जीवन भर सुख या कष्ट व मृत्यु तुल्य कष्ट नहीं देते हैं जन्म कुंडली के अनुसार सभी ग्रह जातक को अपने अच्छे या बुरे फल अपनी दशा, महादशा व गोचर के दौरान ही देते हैं

यदि किसी जातक की जन्म कुंडली में कोई ग्रह बुरी स्थिति में भी हो तो भी वह जीवन भर मृत्यु तुल्य कष्ट नहीं देता, हां सभी ग्रहों के फलों को उनकी दशा व महादशा तथा गोचर के दौरान देखा जा सकता है और यह फल जातक की जन्मकुंडली में ग्रह की स्थिति पर निर्भर करता है यदि जातक की जन्म कुंडली में कोई ग्रह अच्छी स्थिति में या अन्य ग्रहों के साथ अच्छी युति बना रहा है तो इसके फलों का ग्रह की महादशा व गोचर के दौरान ज्यादा प्रभाव देखने को मिलता है ..

यदि किसी जातक की जन्मकुंडली में पित्र दोष (आपके पिछले जन्म में अपने पितरों की प्रति बुरे कर्म) हो और जन्म कुंडली में अन्य ग्रह अच्छी स्थिति होने के बावजूद भी जातक सही ढंग से उनके फल प्राप्त नहीं कर पाता तथा जातक को जिंदगी भर पितृदोष से संबंधित दोषों भोगना पड़ता है हालांकि पित्र दोष मृत्यु तुल्य नहीं होते हैं लेकिन फिर भी यह जातक को जीवन भर कष्ट देते हैं. पित्र दोष के कारण वह कभी भी जिंदगी भर सुखों की प्राप्ति नहीं कर पाता है ना ही अपने जीवन में कोई बड़ी सफलता प्राप्त कर पाता है..

पित्र दोष के कारण वह कभी भी जिंदगी भर सुखों की प्राप्ति नहीं कर पाता है ना ही अपने जीवन में कोई बड़ी सफलता प्राप्त कर पाता है..

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