ठंडी चपाती को हम किस प्रकार से घर में काम में ले सकते हैं,जानिए

जैसे पुराने लोग कहते थे, “बासी बचे न, कुत्ता खाए” जिसका मतलब होता है, कि बासी खाना नहीं बचना चाहिए, ना बासी बचेगा ना कुत्ता को खाना पड़ेगा। जितनी जरूरत हो उतना ही खाना बनाए।

सबसे पहले मै आप लोगों को अपने घर की एक प्यारी सी बात बताती हूं, जिससे आप लोगों को बहुत हंसी आएगी।

पिछले साल मेरे घर में मेरी ममेरी बहनें आईं थीं, जो उमर में मुझसे बहुत छोटी है।

मै उनके लिए नाश्ता बना रही थी, कुछ ताज़ा तो बनाया ही, फिर मैंने सोचा, कि आज इन दोनों बहनों को,, नाश्ते के साथ, एक सबक भी सिखाया जाए।

क्योंकि मै, जब अक्सर मामा के घर जाती थी तो देखती थी कि शाम को खाना बनाने वाली आती थी, उससे वह रोटियां बिना अंदाज के बनवा लेते थे। फिर अगले दिन बचनें पर गाए या कुत्ते को दे देते थे। उसका कोई यूज नहीं करते थे। मुझे अनाज की बरबादी देखकर बहुत दुःख होता था।लेकिन कुछ नहीं कह पाती थी।

यही सोच कर मैंने उन्हें सबक सिखाने की सोची।

मैंने बासी चपाती के टुकड़े किए, फिर फटाफट प्याज, टमाटर और हरी मिर्च को टुकड़ों में कटा। थोड़ा सा हरा धनिया भी काटा।

एक कढ़ाई मे, तेल डालकर, उसमे थोड़ी सी हींग, जीरा डालकर चटकाया फिर प्याज सेकने दिया, आधे से ज्यादा पयाज सिकने पर, उसमे टमाटर और हरी मिर्च डाल दी। उसके बाद विनेगर टमाटर कैचप, सोया सॉस और लाल मिर्च अंदाज सें डाला। साथ ही रोटियों को देखते हुए नमक भी डाला। थोडा मिक्स करने के बाद में, ऊपर से हरा धनिया बुरक दिया। फिर गर्मागर्म सर्व करते हुए, ऊपर से भुजिया भी बुरक दी।

मेरे ये आइटम बनने ही वाला था कि मेरी बहिन रसोई में टपक पड़ी कि दीदी क्या बना रही हो, मैंने कहा, तुम्हारे लिए कुछ नया बना रही हूं। तब वह दोनो हंसते हुए बोली, दी, ये तो डॉगी का खाना है। ये तो हम अपने डॉगी को देते है। मुझे ये सुनकर हंसी आ गई। क्योंकि वह लोग अक्सर अपने डॉगी को टमाटर, रोटी मिलाकर देती थी।

उसी बीच मामा का फोन आ गया। उन्होंने बच्चों से पूछा, कि आज तुम लोगों ने क्या नाश्ता किया। तब मेरी बहने तपाक से बोली कि पापा ! आज तो दीदी हमें डॉगी वाला खाना नाश्ते मे दे रही है।

उधर से मामा हंसते हुए बोले कि ऐसा नहीं हो सकता, बबली, तुम लोगों के लिए कुछ नई डिश बना रही होगी।

मैंने जब अपनी बहनों को, छौकी हुई रोटी टेस्ट करवाई, उनको बहुत अच्छी लगी। वह दोनो कहने लगी कि दीदी हमारी, बासी रोटी बचने और उसको फेकने से घर में रोज डांट पड़ती है, अब हम भी ऐसे ही उनका यूज किया करेंगे।

इसके अलावा, और भी बासी चपाती के यूज है आप बताओ।

मैंने उन्हें दूसरे भी बासी रोटी के,यूज के तरीके बताए, जो स्वादिष्ट होने के साथ साथ स्वास्थ्य के लिए भी लाभप्रद होते है। जैसे:

दही या मठ्ठा रोटी

मेरी सासूजी अक्सर गर्मियों में दही या मट्ठे में रोटी चूरकर भिगो देती थी। फिर उसमे काला नमक, सफेद नमक, भुना जीरा, लाल मिर्च डालकर देती थी। जो स्वाद से भरपूर और स्वास्थ्य में भी लाभ पहुंचती थी।

बासी रोटी के पकोड़े

बासी रोटी का उपमा

बासी रोटी की पॉकेट

रोटी पोहा

रोटी कटलेट

बासी रोटी के गुलाब जामुन

बासी रोटी के लडडू

बासी रोटी का चूरमा

रोटी पात्रा रोल्स

इसके अलावा भी बहुत सी डिशेज है, जो आप बासी चपाती से बना सकती है। उसको नया रूप और नया टेस्ट दे सकती है।

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