दक्षिण गोवा के सर्वोत्तम पर्यटन स्थल कौन से हैं और वहां रहने के अच्छे और सस्ते ठिकाने और उनके प्रतिदिन दर क्या हैं?

भारत में गोवा एक ऐसा पर्यटन स्थल है, जहां जाने के लिए शायद ही किसी का मन ना मचलता हो। कुछ लोग तो गोवा घूमकर आये वहीँ, कुछ लोग तो यहां तक कहते हैं कि वह आंखें बंद करके जब कभी भी गोवा के बारे में सोचते हैं, तो खुद को वहीं पाते हैं। गोवा में एक जादू का आकर्षण तो है।

गोवा को दो अलग-अलग हिस्सों में यानी साउथ गोवा और नार्थ गोवा में बांटकर देखा जाता है। क्यूँकि दोनों ही हिस्से एक-दूसरे से बिलकुल अलग हैं।

अगर हम सबसे पहले दक्षिणी गोवा की बात करें तो यहां घूमने की बहुत सारी जगहें हैं, लेकिन यह पूरा इलाका बेहद शांत और काफी कम चहल-पहल वाला दिखाई देता है जबकि उत्तरी गोवा में हर तरफ रौनक ही रौनक दिखाई देती है, जो यहां के शानदार समुद्री तटों, क्लबों आदि की वजह से है। इसलिए अगर शांत और सुकून भरे माहौल में बेहतरीन नजारों के साथ कुछ पल बिताना चाहते हैं, उनके लिए दक्षिणी गोवा ही सबसे उत्तम है।

गोवा का इतिहास

गोवा पहले पुर्तगालियों का उपनिवेश था। ये बात कोई 1510 के आस-पास की है, जब पुर्तगाली अपनी वर्तमान सीमाओं का विस्तार करते हुए यहां पहुंचे। साउथ गोवा वह इलाका है, जहां वे सबसे पहले पहुंचे थे। यह बात करीब 17वीं-18वीं शताब्दी के आस-पास की है। कहा जाता है कि पुर्तगालियों ने यहां करीब 400 वर्षों से भी अधिक समय तक राज किया और अंग्रजों से भारत की आज़ादी के बाद भी यहां उन्हीं का राज था।

फिर 19 दिसंबर, 1961 में भारत ने एक सैन्य मिशन के तहत पुर्तगालियों पर कार्रवाई करते हुए गोवा के साथ-साथ दमन और दीव को भी अपने अधिकार में ले लिया तथा सन 1965 में एक निष्कर्ष के परिणामस्वरूप गोवा के साथ दमन और दीव को एकल भौगोलिक रूप में संलग्न कर दिया। इसके कई वर्षों बाद एक और बड़ा बदलाव यह हुआ कि 30 मई, 1987 को पूर्ण राज्य का दर्जा दे दिया गया तथा दमन और दीव राज्य क्षेत्र को अलग से केन्द्र शासित प्रदेश बना दिया गया।

गोवा जाने की मुख्य वजह

बात चाहे समुद्र किनारे सन बाथ यानी धूप सेंकने की हो या फिर शानदार नाइटलाइफ़ की, एक सैलानी के लिए गोवा का मतलब इसके भी कहीं ज्यादा है और यही वजह है कि यह जगह टाप क्लास टूरिस्ट स्पॉट में अपनी जगह बनाये हुए है। वास्तव में गोवा समुद्री तटों का एक ऐसा गढ़ है, जहां आप हर वो गतिविधि कर सकते हैं, जिसमें आपको मजा आता है और सबसे अच्छी बात यह है कि यह शहर अपने यहां आने वाले सैलानियों को उनके मन की करने की पूरी आजादी भी देता है। गोवा पर्यटकों के लिए हमेशा से ही एक सपने की तरह रहा है और यहां हमेशा उनके लिए कुछ न कुछ रोचक होता रहा है, जिससे वह यहां आने को हमेशा ही उत्सुक रहते हैं।

गोवा घूमने का सबसे अच्छा समय

अगर आप जल्द ही गोवा घूमने का प्लान बना रहे हैं तो आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि साउथ गोवा में पर्यटन का आनंद लेने का सबसे सही समय नवंबर माह के मध्य से लेकर फरवरी माह तक रहता है। समुद्र तटीय क्षेत्र के साथ-साथ महासागर के करीब होने की वजह से यहां काफी गर्मी और उमस होती है और गर्मियों में पारा भी काफी ऊपर तक चला जाता है।

कैसे पहुंचे दक्षिण गोवा?

हवाई मार्ग – मडगांव स्थित डैबोलिम हवाई अड्डा, साउथ गोवा से सबसे निकटतम हवाई अड्डा है जो कि मुख्य शहर से 23 किमी की दूरी पर स्थित है। दिल्ली, पुणे, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों से यह एयरपोर्ट उड़ानों के माध्यम से काफी अच्छी तरह से जुड़ा है।

सड़क मार्ग – दिल्ली, पुणे, हैदराबाद, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों से एनएच- 44, एनएच- 66 एनएच- 50 और एनएच- 48 से होते हुए आप साउथ गोवा तक बड़ी आसानी से पहुंच सकते हैं। कुल मिलाकर देश के कई प्रमुख शहरों और दूसरे हिस्सों से यह सड़क मार्ग द्वारा काफी अच्छी तरह से जुड़ा है।

रेल मार्ग – मडगांव रेलवे स्टेशन, गोवा का ना केवल सबसे बड़ा बल्कि सबसे व्यस्ततम रेलवे स्टेशन है जो कि दिल्ली, पुणे, मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे शहरों से ट्रेनों के माध्यम से बहुत अच्छी तरह से जुड़ा है। इसलिए रेल मार्ग से यात्रा करना भी आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है।

घूमने की जगहें

  1. दूधसागर झरना

मंडोवी नदी के किनारे स्थित दूधसागर झरना बेहद लोकप्रिय है। यह भारत के सबसे ऊँचें झरनों में से एक है। इस झरने के आसपास आप दूर-दूर तक फैली प्राकृतिक खूबसूरती को निहार सकते हैं।मानसून के दौरान यहां गीली मिट्टी की खुशबू और समृद्ध जैव विविधता आत्मा को गले लगाती है।

2. बटरफ्लाई बीच – शोर शराबे से बचना चाहते हैं, तो बटरफ्लाई बीच एक परफेक्ट जगह है,जहां आप प्रकृति को करीब से निहार सकते हैं। आप इस समुद्री तट पर नाव के जरिये पहुंच सकते हैं, रात में रुकना इस बीच पर वर्जित है…अगर आप साहसिक खेलों के दीवाने हैं, तो यहां मार्गो तक ट्रैकिंग कर सकते हैं। इस समुद्री तट अपर विभिन्न तरह की तितलियों को भी देख सकते हैं।इस बीच पर पहुंच आपको लगेगा कि , आप किसी जादुई दुनिया में पहुंच गये हैं।

3.नौसेना विमानन संग्रहालय

अगर आप वायु सेना और नौसेना के फैन हैं तो आपको वास्को दी गामा में स्थित नौसेना विमानन संग्रहालय का दौरा अवश्य करना चाहिए। इस म्यूजियम का उद्घाटन 1998 में हुआ था..इस म्यूजियम में 15 ऐतिहासिक एयरक्राफ्ट्स भी रखे हुए हैं..जिसमे हॉकर सी हॉक,एचआईएल चेतक भी शामिल है। यहां एक छोटा सा रेस्तरां भी है साथ ही एक मिनी थियेटर, जहां नौसेना से जुड़ी शोर्ट फिल्मे पर्यटकों को दिखाई जाती है। यकीन मानिये इस जगह का दौरा करते समय आपके रौंगटे खड़े हो जायेंगे।

4. मंगेशी मंदिर – शिव मंदिर की पावनता

मंगेशी गोवा में एक प्रमुख मंदिर है। यहां भगवान शिव शिवलिंग रुप में मौजूद हैं। कहा जाता है कि यहां भगवान शिव बाघ के रूप में देवी पार्वती के सामने प्रकट हुए थे। जिसे देखकर माता घबरा गईं और उनके मुंह से रक्षाम् गिरीश शब्द निकला। तब से भगवान शिव यहां मंगिरीश के नाम से पूजे जाने लगे। गोवा शहर में स्थित इस मंदिर को लेकर लोगों की काफी आस्था है। माना जाता है कि इन मंदिर की स्थापना 18वीं शताब्दी में की गई थी।

इस मंदिर की वास्तुकला भी काफी विशेष है। यह मंदिर गोवा के ही एक मंदिर शांतादुर्गा की शैली में बना हुआ है। करीब 450 साल पुराना यह मंदिर देखने में काफी सुंदर है। यहां एक पानी का कुंड भी है, जो इसके प्राकृतिक सौंदर्य को और भी ज्यादा बढ़ा देता है। यहां सभी स्तंभ पत्थर के बने हैं और इस मंदिर में एक भव्य दीपस्तंभ भी है। मंदिर के अंदर कई गुंबद और झरोखे भी है। यहां भगवान शिव के प्रिय नंदी भी विराजमान हैं और मंदिर के बीच में एक भव्य सात मंजिला दीपस्तंभ है। जहां काफी संख्या में लोग खड़े हो सकते हैं।

5. अंजुना बीच – सबसे प्राचीन बीच

यह बीच चापोरा किले के नजदीक स्थित है। इस बीच पर लगने वाले नारियल के पेड़ तथा समुद्र के किनारे फैली हुई सफेद रेत की सतह से उत्पन्न अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता के लिए यह बीच प्रसिद्ध है। इस बीच पर होने वाली मून लाइट रेव पार्टियां भारत ही नही अपितु विदेशी पर्यटकों को भी अपनी तरफ खींचती हैं।

यह बीच पर खरीददारी के उद्देश्य से भी काफी महत्वपूर्ण है। यहां आप कपड़े तथा इलेक्ट्रॉनिक गैजेट की खरीदारी कम दामो में कर सकते हैं।

6. चंद्रेश्वर भूतनाथ मंदिर – दक्षिण गोवा के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक, चंद्रेश्वर भूतनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित है जिन्हें यहाँ चंद्रमा के भगवान के रूप में पूजा जाता है। यह प्राचीन मंदिर चंद्रनाथ पहाड़ी के ऊपर स्थित है। यदि आप पूर्णिमा की रात मंदिर में दर्शन करने जाते हैं, तो आप मंदिर के अंदर शिव लिंग को चांदनी के नीचे देख सकते हैं। पास में ही भूतनाथ मंदिर भी है जो देखने लायक है। यह मंदिर भगवान शिव को भी समर्पित है जहां देवता को भूतों के भगवान के रूप में पूजा जाता है।

7.ताम्बड़ी सुरला महादेव मंदिर – इस क्षेत्र के सबसे पुराने मंदिरों में से एक, ताम्बाड़ी सुरला का महादेव मंदिर 12 वीं शताब्दी का है। मंदिर, जैसा कि इसके नाम से पता चलता है, भगवान शिव को समर्पित है और हरे-भरे वनस्पतियों से घिरा हुआ है। मंदिर के बारे में एक और दिलचस्प तथ्य यह है कि इसे कदंब -यादव शैली की वास्तुकला में बनाया गया है।

8. मोलेम नेशनल पार्क –
पश्चिमी घाटों में स्थित मोल्लेम राष्ट्रीय उद्यान 240 वर्ग किमी में फैला हुआ है। यह गोवा में सुंगम तालुक में कर्नाटक के साथ की सीमा पर मोलेम शहर के पास स्थित है। मोल्लेम राष्ट्रीय उद्यान में कदंब राजवंश के कई मंदिर भी स्थित हैं। मोरमुगाओ-लोंडा रेलवे लाइन (Mormugao–Londa Railway Line) इस राष्ट्रीय उद्यान के घने जंगलों के बीच से गुजरती है।मोल्लेम राष्ट्रीय उद्यान को पहले ‘मोलेम गेम अभयारण्य’ के रूप में जाना जाता था। 1969 में इसे वन्यजीव अभयारण्य घोषित किया गया और इसका नाम बदलकर भगवान महावीर अभयारण्य कर दिया गया। 107 वर्ग किलोमीटर में फैले अभयारण्य के मुख्य क्षेत्र का नाम 1978 में मोलेम नेशनल पार्क कर दिया गया।पार्क में किंग कोबरा, हंप-नोज्ड पिट वाइपर, इंडियन रॉक पायथन और मालाबार पिट वाइपर सहित सांपों की कई प्रजातियां पाई जाती हैं।मोल्लेम राष्ट्रीय उद्यान में पक्षियों की कई प्रजातियां पाई जाती हैं जिसमें शामिल है फेयरी ब्लूबर्ड, वैगटेल, थ्री-टो किंगफिशर, ड्रोंगो, गोल्डन ओरियोल, ग्रेट इंडियन हॉर्नबिल इत्यादि। यहाँ पाए जाने वाले कुछ पक्षी इस क्षेत्र के मूल निवासी हैं। यहां पर तितलियों की कई प्रजातियां पाई जाती हैं जिसमें शामिल है ब्लू मॉर्मन, क्रिमसन रोज़, टेल्ड जे, मालाबार ट्री निम्फ, तमिल योमेन, प्लेन टाइगर और लाइम बटरफ्लाई इत्यादि।

9.नेत्रावली वन्य अभ्यारण्य – गोवा के दक्षिण-पूर्वी भाग में स्थित, नेत्रावली वन्यजीव अभयारण्य आपके यात्रा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए एक और जगह है। प्रकृति प्रेमियों, वन्यजीव उत्साही और बर्डवॉचर्स के लिए एक लोकप्रिय स्थान, अभयारण्य वनस्पतियों और जीवों की एक विस्तृत श्रृंखला का घर है, जिसमें विशालकाय गिलहरी, ग्रेट पाइड हॉर्नबिल्स, ग्रे हेडेड बुलबुल, स्लाइस लोरिस और स्तनधारियों, तितलियों की एक रोमांचक रेंज शामिल है। और पक्षी। प्रकृति और इसके कई अजूबों की कोशिश करने वालों के लिए, यह जगह है।

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