दिल्ली को भारत की राजधानी बनाने के पीछे क्या रहस्य है?

यह दिल्ली का एक प्राचीन योगमाया मन्दिर है.

यह किला राय पिथोरा है.

नई दिल्ली 1947 में राजधानी बनायी नहीं गयी, बस बनी बनायी मिल गयी. जी हाँ, 1947 में जब अंग्रेज गये तो एक बनी बनायी राजधानी देकर गये. इसमें कोई गूढ़ रहस्य छुपा हुआ नहीं है.

आप जानते ही हैं कि नई दिल्ली का लुटएंस जोन नामक क्षेत्र जिसमें राष्ट्रपति भवन, संसद भवन, कनाट प्लेस, और कई भवनों और अनगिनत खूबसूरत सरकारी बंगलों वाला इलाका शामिल है, 1911 से 1931 के बीच बना था, यानि 1947 से सिर्फ 16 साल पहले बन कर तैयार हुआ था.

इस बारे में मेरा यह कुछ दिन पुराना उत्तर देखिये.

दिनेश बिन्जोला (Dinesh Binjola) का जवाब – क्या प्रधानमंत्री को राष्ट्रपति से ज्यादा सुविधाएं मिलती हैं?

वैसे मैंने इस बारे में यह उत्तर कुछ समय पहले लिखा था, आप चाहें तो इसे देख सकते हैं.

क्या भारत की राजधानी बदलना सही रहेगा? यदि हाँ, तो कहाँ? यदि नहीं, तो क्यों नहीं? के लिए दिनेश बिन्जोला (Dinesh Binjola) का जवाब

यह दिल्ली का लाल किला है.

यह भारत की वर्तमान राजधानी नई दिल्ली है.

यदि आपको अंग्रेजी से कोई परेशानी न हो तो आप यह अंग्रेजी कोरा में लिखे ये तीन उत्तर भी देख सकते हैं. दिल्ली प्राचीन काल से ही भारत की राजधानी रही है.

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