दिल्ली सरकार: कोरोना से अनाथ हुए बच्चों की पढ़ाई और करेगी परवरिश

कोरोना ने कई घरों को तबाह कर दिया। कई बच्चों के सिर से पिता का, किसी के सिर से मां का ओर किसी के सिर से मा-पिता दोनों का साया उठ गया। कई बुजुर्गों के एक मात्र कमाने और देखभाल करने वाले बेटे का साथ हमेशा के लिए छूट गया। इस निर्मम कोरोना से अधिकांश घरों में मातम पसर गया है। ऐसे में दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने इनके गम में शरीक होते हुए बड़ा ऐलान किया है।

सीएक केजरीवाल ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि कोराना से कई बच्चों के माता-पिता चल बसे। ऐसे बच्चों के दुख को मैं समझता हूं। ऐसे बच्चों से कहना चाहता हूं कि आप चिंता मत करना बच्चों, अपने को अकेला मत समझना, मैं हू न। किसी भी बच्चे की पढ़ाई बीच में छूटने नहीं देंगे। ऐसे बच्चों की पढ़ाई और परवरिश का खर्चा सरकार उठाएगी।

ऐसे कई बुजुर्ग हैं जिनके जवान बेटे जब कमाते थे तो उनका घर चलता था। अब वो कमाने वाले बच्चे नहीं रहे। ऐसे बुजुर्गों को कहना चाहता हूं आपके कमाने वाले बच्चे चले गए, आप चिंता मत करना। आपका ये बेटा जिंदा है। ऐसे बुजुर्गों की मदद सरकार करेगी।

सीएम केजरीवाल ने जानकारी दी कि राजधानी में काफी दिनों के बाद 24 घंटे में साढ़े आठ हज़ार से कम केस दर्ज किए गए हैं। सीएम अरविंद केजरीवाल ने लोगों से अपील की है कि सभी लोग लॉकडाउन का सख्ती से पालन करें। अप्रैल में दिल्ली में 28 हजार तक केस पहुंच गए थे, हालांकि पिछले 24 घंटे में संक्रमण दर भी 12 फीसदी पहुंच गई है। अप्रैल में ये 36 फीसदी तक थी। दिल्ली के अस्पतालों में दस दिन में 3 हजार बेड खाली हो गए हैं। हालांकि आईसीयू बेड अभी भी भरे हुए हैं। इधर1200 नए ICU बेड बनकर तैयार हैं।

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