धन प्राप्ति, रोग से बचने आदि के लिए गणेश जी के इन मंत्रों का करें जाप

 धन मंत्र:

 किसी भी चतुर्थी तिथि को, अपने घर में हरे रंग की पूर्ति प्रतिमा स्थापित करें। मूर्ति का मुंह उत्तर की ओर होना चाहिए। प्रतिदिन मूर्ति की पूजा करें। 11 गणेशजी को हरे पत्ते चढ़ाएं। फिर “ओम नमो भगवते गजानन” मंत्र का 108 बार जाप करें। केवल लाल आसन पर बैठकर इस मंत्र का जाप करें।

 काम में रुकावट, फिर करें इस मंत्र का जाप:

 बुधवार के दिन गणेश प्रतिमा के सामने 21 हरे दूर्वा चढ़ाएं। आप इन्हें गणेश फोटो में प्रस्तुत कर सकते हैं। पूजा के दौरान मंत्र “ay विघ्ननाय नमः” का 108 बार जाप करें। प्रत्येक बुधवार को इस मंत्र का जाप करने से किसी भी कार्य में आने वाली कोई भी बाधा दूर हो सकती है।

 व्यापार में धन हानि को रोकने के उपाय:

 शुक्रवार को अपने व्यापार कार्यालय या स्थान पर गणेश के साथ देवी लक्ष्मी की मूर्ति स्थापित करें। गंगा जल भी छिड़का जाना चाहिए। फिर “ओम गण गणपतये नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें। यह भजन हर शुक्रवार को करें। यह व्यापार या व्यवसाय में घाटे को समाप्त करता है।

 रोग से बचाव के लिए मंत्र:

 चतुर्थी के दिन घर में लाल रंग की बप्पा की मूर्ति स्थापित करें। प्रतिदिन 11 लाल फूल चढ़ाएं। फिर मंत्र “वक्रतुण्डाय हुं” का जाप करें। इस भजन को रुद्राक्ष माला से 108 बार करें। इस मंत्र का प्रतिदिन जाप करें। यह परिवार में किसी भी बीमारी से मुक्त है।

 अनावश्यक खर्च से बचने का मंत्र:

 बुधवार के दिन गणेश जी की पीले रंग की मूर्ति स्थापित करें। इसे पूर्व दिशा में रखें। फिर गणितज्ञ को रोली-मौली, चावल अर्पित करें। फिर गणेश आरती करें। फिर 108 बार मंत्र “ओम हेरुम्बाय नमः” का जाप करें। इस मंत्र का जाप केवल लाल चंदन की छड़ी से करें। ऐसा 27 दिनों तक करें। इससे आपके खर्च कम होंगे।

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