नीट-जेईई से पहले प्रदेश में परीक्षा देंगे 8 लाख विद्यार्थी

कोरोना के बीच जेईई मेन व नीट यूजी की परीक्षा के खिलाफ राजस्थान में कांग्रेस शासित कई राज्यों के मुख्यमंत्री आवाज उठा रहे हैं। इसी बीच राज्य सरकार तीन सितम्बर से माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की पूरक परीक्षा, स्टेट ओपन स्कूल की परीक्षा व प्री डीएलएड परीक्षा करवाने जा रही है। इन परीक्षाओं में करीब 8 लाख विद्यार्थी बैठेंगे। इन परीक्षाओं को लेकर कोई चर्चा ही नहीं की जा रही है। जेईई-नीट परीक्षा के मामले पर राजस्थान पत्रिका ने वर्तमान व पूर्व तकनीकी शिक्षा मंत्रियों से बात की तो उन्होंने अलग-अलग राय दी। मौजूदा तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष गर्ग ने परीक्षा का विरोध किया। वहीं पूर्व तकनीकी शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने इसे कांग्रेस का राजनीतिक पैंतरा बताया है।

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड 10वीं और 12वीं की पूरक परीक्षा तीन से 12 सितंबर तक कराया। करीब सवा लाख छात्र-छात्राएं इस परीक्षा को देंगे। राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं भी 3 सितंबर से शुरू होंगी। करीब दो लाख छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे। सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी की प्रायोगिक परीक्षा 3 सितंबर से 22 सितंबर तक होंगी।

कोरोना को देखते हुए परीक्षा स्थगित की जानी चाहिए। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन भी दायर करेंगे। जब कॉलेज स्तर प्रमोट किया गया है तो 12वीं की मैरिट के आधार पर आईआईटी व मेडिकल कॉलेजों में भी प्रवेश दिए जा सकते हैं। इसके लिए केंद्र विभिन्न बोर्डों को इक्वलिटी करने का फार्मूला निकाले और इसके बाद बच्चों को एडमिशन दिए जाए।

केंद्र ने सोच समझकर निर्णय लिया है। सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही परीक्षा करवा रहे हैं। नीट की एक दिन ऑफलाइन परीक्षा है। जबकि जेईई ऑनलाइन परीक्षा है। ऐसे में राज्य सरकार का विरोध अप्रासंगिक हैl

राज्य सरकार एक तरफ तो नीट-जेईई का विरोध कर रही है, दूसरी तरफ यहां पूरक और प्री डीएलएड की परीक्षा आयोजित कर रही है। राजस्थान में नीट के 269 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जहां 1 लाख 8 हजार बच्चे परीक्षा देंगे। एक कमरे में केवल 12 विद्यार्थी बैठेंगे।

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