नेट्रॉन झील इतनी ख़तरनाक क्यों है?

ऐसा होने के पीछे उन्होंने कारण भी बताया है। उन्होंने कहा कि इस झील के पानी में नमक और सोडा की मात्रा बहुत ही ज़्यादा है। उन्होंने कहा कि इसकी मात्रा इतनी ज़्यादा है कि इसने मेरी कोडैक फ़िल्म बॉक्स की स्याही को कुछ ही सेकेंड में जमा दिया।

किताब के अनुसार पानी में अल्कलाइन का स्तर PH9 से PH10.5 है, यानी अमोनिया जितना अल्कलाइन। इस झील का तापमान भी 60 डिग्री तक पहुँच जाता है। इस झील के पानी में वह तत्व भी पाया गया जो ज्वालामुखी की राख में होता है। किताब में बताया गया है कि सभी जीव कैल्सिफ़िकेशन की वजह से जमकर चट्टान की तरह मज़बूत हो जाते हैं।

कहा जाता है दुनिया रहस्यों से भरी हुई है और कई रहस्य इतने उलझे हुए हैं, जिसे सुलझाने में सालों से वैज्ञानिक लगे हुए हैं पर अभी तक कोई जवाब नहीं मिले हैं और बहुत से सवाल ऐसे हैं, जिनके आगे विज्ञान भी हार मान चुका है। दुनिया में कई ऐसे रहस्य हैं, जिनका खुलासा शायद कभी न हो सके। इनके पीछे की सच्चाई शायद हम तक कभी न पहुंच सके। लेकिन रहस्यों को खोलने की कोशिश हम हर वक्त करते रहते हैं।

वह उत्तरी तंजानिया की नेट्रान लेक है। जब आप इस ख़तरनाक झील के पास जाएँगे तो आपको बहुत ही अजीब नज़ारा देखने को मिलेगा। दरअसल आपको झील के किनारे-किनारे जगह-जगह पशु-पक्षियों के स्टैच्यू नज़र आएँगे। आपको बता दें कि वो स्टैच्यू बनाए हुए नहीं है बल्कि वो असली पशु-पक्षियों के स्टैच्यू हैं जो ख़ुद-ब-ख़ुद बन गए हैं। इस झील के पानी में जाने वाला कोई भी जानवर या पक्षी कुछ ही देर में कैल्सिफ़ाइड होकर पत्थर का बन जाता है।

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