नैनो कार का प्रोजेक्ट असफल क्यों हुआ?

दरअसल टाटा नैनो को सफल कार में नहीं गिना जाता है बल्कि यह असफल कारों में गिना जाता है|टाटा नैनो के जरिये जमशेदजी टाटा का सपना था की वे आम आदमी के घर में भी कार पहुंचा सके |बाद में ऐसा हुआ की इंडियन मीडिया सहित भारतीय लोगों के बीच यह एक चर्चा बन गया था |

चूँकि इसकी प्राइस under one lakh थी तो इस कार को लोग सस्ती कार ,सस्ती कार कह कर नाम देने लगे |लोग इसे लखटकिआ कार भी कहा करते थे ,वो बोलते थे की बस लाख टके की ही कार है|

इन सब कारणों से आगे चलकर यह कार फ्लॉप करने लगी|आज निश्चित तौर पर ही नैनो कार को लोग अपनी शान पे धब्बा की तरह देखते हैं |

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