प्यार के लिए ट्रेन खीचने वाले सुंदर की पढ़े प्रेमकहानी

एक गाँव में सुंदर नाम का लड़का था।सुंदर गाँव की लड़की माही के साथ कॉलेज में पढ़ता था।सुंदर माही के साथ बोहत प्यार करता था पर उससे ये बात कहने से बोहत डरता था।एक दिन सुंदर अपने दिल पर हात रखकर माही से अपने प्यार की बात बताने जाता है और माही से कहता है की वो उससे बोहत प्यार करता है। सुंदर की ये बात सुनकर माही भी कहती है की,वो भी उससे बोहत प्यार करती है पर उसके पिताजी बोहत बड़े पहलवान होने की वजह से वो डरती है।

माही के पिताजी को वह बताने के लिए सुंदर अब सोचता है वो अब कैसे कहे,तब सुंदर एक दिन माही के पिताजी के पास चला जाता है और अपना प्यार पाने के लिए उनका चेला बन जाता है।माही के पिताजी सुंदर को बोहत अच्छेसे पहलवानी पढ़ाते है और सुंदर सिखता रहता है।पर उधर माही की उमर हर दिन बढ़ती जाती है और वो सुंदर की राह देखती है की सुंदर कब उसके पिताजी से प्यार की बात कहता है।एक दिन माही को देखने वाले लडके वाले आते है तब सुंदर अपने प्यार के खातीर जाग उठता है और माही से शादी करने की बात माही के पिताजी से कहता है।तब माही के पिताजी सुंदर से कहते है,तुम कुछ ऐसा काम करके दिखावो जो अभी तक किसी ने नहीं किया है।इस बात पर सुंदर ट्रेन खीचने की बात कहता है।

जब वो जंजीर पकड़कर ट्रेन खीचने जाता है तब माही की निगाहें सुंदर पर लगी रहती है।सुंदर ट्रेन खीचने की कोशिस करता है पर ट्रेन थोड़ी भी पटरी से नहीं हलती है।ये देखकर माही उदास हो जाती है और देखने वाले  सुंदर पर हँसने लगते है।सुंदर माही के पिताजी से एक और मौका माँगता है और वहाँ से उदास होकर चले जाता है।रास्ते से जाते समय सुंदर को एक स्वामी दिखते है तब सुंदर स्वामी को अपने सच्चे प्यार के बारे में बताता है।स्वामी सुंदर की बात सुनकर उसे एक जंजीर देते है और अगले दिन ट्रेन खीचने को कहते है।अगले दिन सुंदर सभी को बुलाकर ट्रेन के सामने जंजीर बांधकर खड़ा हो जाता है और ट्रेन आगे खीचने लगता है।सुंदर की ताकत देखकर सभी उसके तरफ देखते रह जाते है।सुंदर की कामयाबी पर माही के पिताजी बोहत खुस हो जाते है और उसी समय सभी के सामने माही की शादी सुंदर से कर देते है।

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