पढ़े मजेदार चंदू की कहानी, कदर करना सीखो

आज की कहानी एक लड़के की है,जिसका नाम चंदू था।जब चंदू बड़ा हुआ तब उसने एक छोटी सी दुकान से अपना व्यवसाय शुरू किया।ईश्वर की कृपा और उसकी मेहनत के कारण व्यापार बहुत अच्छा चला।उसने अपने व्यवसाय को और बढ़ाने के बारे में सोचा,जिसके लिए उसने बैंक से ऋण लिया और अपने व्यवसाय में लगा दिया।उसने अपने इसी व्यवसाय से कमाए गए पैसों से अपने लिए एक कार खरीदी और एक बड़ा घर भी बनाया।सभी बहुत खुश थे क्योंकि चंदू ने अपनी मेहनत से सब कुछ हासिल किया था।

लेकिन उनकी खुशी ज्यादा दिनों तक नहीं रही।

वो कहते है ना कि पैसे की गर्मी को हर कोई बर्दाश्त नहीं कर सकता।चंदू के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ।उसे अपने पैसों पर गर्व हो गया।अब वह ज्यादातर अपनी दुकान बंद रखने लगा।

वह अपना समय फालतू घूमने फिरने में बिताने लगा। वह अपनी दुकान को मन मर्जी मुताबिक खोलता।वह ये बात भूल गया कि वह आज जो कुछ भी है,उसी दुकान के कारण है।दुकान बंद होने के कारण कमाई नहीं हो रही थी और ऐश परशति में उसने अपना काफी पैसा उजाड़ दिया था।लेकिन बैंक वालों ने तो अपना ऋण वापस लेना ही था सो उसने कर्ज उतारने के लिए अपने दोस्त से पैसे उधार लिए।अब हर बार कर्ज चुकाने के लिए उसे अपने दोस्तों से कर्ज लेना पड़ता था।क्योंकि उसका व्यवसाय ठप पड़ गया था,उसके ग्राहकों ने दुकान के लगातार बंद होने के कारण आना बंद कर दिया था।

क्योंकि वह अपने किसी भी दोस्त को पैसे नहीं दे पा रहा था।उसके दोस्त उसे बार-बार पैसे के लिए फोन कर रहे थे।लेकिन अब दुकान खोलने के बाद जो थोड़ी बहुत कमाई होती थी उससे बहुत मुश्किल से उसके घर का गुजारा चलता था। वह कर्ज तले पूरी तरह दब चुका था। उसे कोई रास्ता नहीं नजर आ रहा था।

तंग आकर उसने खुद को खत्म करने का सोचा और जहर खा लिया।

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