फिटकरी से कौन-सी बीमारियों से छुटकारा पाया जा सकता है?

सालों से हम के सब के घरों में फिटकरी का इस्तेमाल होता आ रहा है। फिटकरी एक रंगहीन क्रिस्टलीय पदार्थ होता है l इसका रासायनिक नाम “पोटैशियम एल्युमिनियम सल्फेट” (Potassium aluminium sulfate) है और इसे ‘पोटाश एलम’ या ‘एलम’ भी कहा जाता है।

फिटकरी के कुछ बेहतरीन फायदे:

आयुर्वेद में इसके कई फायदों का उल्लेख किया गया है l

इसका भस्म के रूप में उपयोग किया जाता है जिसे बनाना कई आसान है l फिटकरी को खुली हवा में एक पैन में तब तक गर्म किया जाता है जब तक कि इसमें स्थित सभी नमी उड़ न जाए l अंत में सफेद रंग का फिटकरी भस्म प्राप्त होता है l

यह स्वाद में कसैला, मधुर, अम्ल होता है l इसमें रक्तस्तंभक, कृमिनाशक, ज्वरहर, खुजली नाशक, एंटी बैक्टीरियल गुण होने से यह त्वचाविकार, रक्तस्राव विकार, श्वसन संबंधी रोगों में इस्तमाल किया जाता है l

स्फटिका भस्म (शुद्ध फिटकरी) एक ब्लीचिंग एजेंट और एंटी-सेप्टिक भी है l यह रोगजनकों द्वारा बनाई गई परत को मिटाकर संक्रमण फैलने से रोकता है l

१. कील मुहासे के दाग- फिटकरी के प्रयोग से हर प्रकार के कील -मुहासों के दाग और काले धब्बे ठीक होते हैं। फिटकरी के घोल को मुहासों के दाग पर २० मिनट तक लगाकर रखें और फिर साफ पानी से धुलें इससे सारे दाग ठीक होते हैं।

२. चोट लग गई हो या किसी कट की वजह से ब्लीडिंग हो रही हो तो घाव में फिटकरी घिसकर लगाने से कुछ मिनटों मे खून का बहना बंद हो जाता है। हालांकि इसका इस्तेमाल छोटे कट या घाव के लिए ही उपयोगी है। फिटकरी की ज्यादा मात्रा शरीर में जाना हानिकारक हो सकता है इसलिए इसे बच्चों की पहुंच से दूर रखें।

३. यह रक्तस्तंभक होने से स्त्रियों के मासिक धर्म समय ज्यादा ब्लीडिंग होना, खुनी बवासीर, रक्तयुक्त द्रवमल प्रवृत्ति आदि बीमारियों में उपयुक्त है l

४. दुर्गंध मिटाने के लिए – फिटकरी का प्रयोग नेचुरल डियोडेरेंट के रूप में भी किया जाता है। पसीना के कारण बगलों से आनेवाली स्मेल को फिटकरी के प्रयोग खत्म किया जा सकता है। लेकिन इसका इस्तेमाल रोज नहीं करना चाहिए।

५. मुंह के छालों में – फिटकरी के प्रयोग से मुंह के छाले भी दूर किए जा सकते हैं। फिटकरी का घोल मुंह के छाले या घाव में ३० सेकंड तक लगाकर रखें और फिर साफ पानी से कुल्ला करें l ऐसा दिन मे दो-तीन बार करने से मुंह के छाले ठीक होने में सहायता होती हैं l

६. माउथवॉश के लिए -मुंह की गंदी बदबू के मुख्य कारणों में से एक निश्चित रूप से बैक्‍टीरिया की उपस्थिति होती है, जो अक्‍सर विषाक्त पदार्थ और एसिड बनाते हैं।एलम युक्त माउथवॉश से मुंह की सफाई करने से बैक्‍टीरिया के विकास को रोका जा सकता है। इस प्रकार आप फिटकरी का उपयोग करके मुंह से आने वाली बदबू को दूर कर सकते हैं।

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