बिहार और उत्तरप्रदेश में उद्योग न लगने का सबसे बड़ा कारण क्या है?

हिंदुस्तान के करीब सभी उद्योगपति और कारपोरेट महाराष्ट्र गुजरात तमिलनाडु दक्षिण राज्यों में ही उद्योग लगाना पसन्द करते है,वहां उनको कोई परेशान नही करता, हालांकि बिहार-यूपी के बुद्धजीवियों की तरह वहां भी लुच्चे है लेकिन वहां की पब्लिक उनको चार थप्पड़ जमा देती है जैसे ही वे लुच्चे कारपोरेट या उद्योगपतियो के खिलाफ बोलते है, बिहार-यूपी भी तभी तरक्की करेगा जब यहां की जनता आलोचक लुच्चे बुद्धिजीवियों को थप्पड़ मारना शुरू कर दे।

दूसरा कारण जाती आधारित गुंडे, बाहुबली और जातियों की आक्रामक झुंड। बिहार के सभी गुंडे अपनी जातियों के समर्थन ,वोट और आक्रमक झुंड के दम पे जी रही। यही गुंडे उद्योगपति का अपहरण, हत्या और डकैती करते हैं और इनके जाती के लोग झुंड बना कर रुण्डी नाच करते है पिछड़ेपन इत्यादि के नाम का जिनके कारण प्रशासन और सरकार इन गुंडे और इनकी जातियों की गंदी मोब पे करवाई नही करती। अतः उद्योगपति बिहार नही आते। कमोबेश यही हाल उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश का भी हैं।

इन राज्यों के लोगो को जातिवाद समाप्त कर विकासवाद अपनाना ही पड़ेगा और जाति झुंडों और बाहुबलियों का समर्थन तुरन्त बन्द करना होगा। जिससे सरकार और प्रशासन बेहतर कानून व्यवस्था दे और उद्योग का जाल बिहार उत्तर प्रदेश में लगने का रास्ता साफ हो।गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण के राज्यो ने इन्ही सूत्रों से अपने यहाँ उद्योग लगाया और समृद्धि लाई विशेषकर गरीबो के घरों में।

जातियों के नेता, संगठन और झुंड पे सख़्त करवाई होनी चाहिए। ये लोग मिनी जिन्नाह हैं जो देश की एकता के लिए कैंसर हैं। बीम आर्मी जो चीन और पाकिस्तान के पैसों और इसारो पे चलती हैं, सबसे पहले इस देशद्रोही संगठन को आतंकवादी संगठन घोषित कर प्रतिबंध लगे।

प्रोपर्टी वेबसाइट जहाँ आप प्रॉपर्टी को बेचने या किराये पे लगाने हेतु प्रचार कर सकते है। यह उन गुंडों को दलाली कमाने से रोकेगी और उन गुंडों का आर्थिक बहिष्कार होगा।

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